महोबा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने 75 फीसदी उपस्थिति दर्ज न होने पर इस बार 85 विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोका गया। साथ ही 15 शिक्षकों को नोटिस थमाया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर चार शिक्षकों का एक दिन का वेतन रोका गया। यह कदम बीयू प्रशासन ने 30वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति के दिशा-निर्देश के बाद उठाया है।
जनपद के 23 निजी व चार राजकीय महाविद्यालय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से संबद्ध हैं। शिक्षण संस्थाओं में छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 27 अगस्त 2025 को हुए दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा था कि हर विद्यार्थी की कक्षाओं में 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इसका पालन कराया जाए। शिक्षकों के पठन-पाठन पर भी निगरानी की जानी चाहिए। इसमें किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।
कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि 75 फीसदी उपस्थिति न होने पर सम-विषम सेमेस्टर में करीब 85 विद्यार्थियों को विवि की ओर से परीक्षा से रोका गया। शिक्षकों पर निगरानी के लिए विभागों में 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगवाए जिससे कैमरों की संख्या अब 550 से ज्यादा हो गई है। उन्होंने बताया कि कक्षा छोड़ने के मामले में 15 शिक्षकों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया। चार शिक्षकों का जवाब संतोषजनक न मिलने पर एक दिन के वेतन काटा गया।