फोटो 16 एमएएचपी 18 परिचय-बदहवास पिता भूरा प्रजापति को ढांढस बंधाते लोग। संवाद
-पहले भी जा चुकी हैं कई जानें, पुराई व बैरिकेटिंग की मांग के बावजूद नहीं चेते जिम्मेदार
फोटो 16 एमएएचपी 18 परिचय-बदहवास पिता भूरा प्रजापति को ढांढस बंधाते लोग। संवाद
फोटो 16 एमएएचपी 19 परिचय-विजय प्रजापति (फाइल फाेटो)। स्रोत: परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
कबरई (महोबा)। थाना क्षेत्र के पचपहरा पहाड़ की करीब एक दशक से बंद पड़ी 200 फीट गहरी खदान में शुक्रवार को युवक का शव उतराता मिला। स्थानीय गोताखोरों की मदद से पुलिस ने शव बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान विशाल नगर निवासी विजय प्रजापति (26) के रूप में हुई। बंद खदानों में लगातार हादसों के बावजूद सुरक्षा के इंतजाम न होने से जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
मृतक के पिता भूरा प्रजापति ने बताया कि उनका छोटा बेटा अविवाहित था और दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। करीब एक माह पहले वह घर आया था। बृहस्पतिवार की दोपहर करीब तीन बजे वह घर से निकला था। देर रात तक न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की लेकिन कोई पता नहीं चला। शुक्रवार की दोपहर करीब तीन बजे चंद्रावल मार्ग किनारे पचपहरा पहाड़ की बंद खदान में शव उतराता देखकर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकलवाया। बेटे का शव देखकर पिता भूरा व मां फूला देवी बदहवास हो गए।
कस्बा निवासी मुनाई वर्मा, अवधेश रैकवार आदि ने बताया कि पहाड़ों की गहरी बंद खदानों में पहले भी कई लोगों और मवेशियों की जान जा चुकी है। खदानों की पुराई व बैरिकेटिंग कराने की मांग कई बार उठाई गई लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हादसों के खतरे के बावजूद सुरक्षा के इंतजाम न होना जिम्मेदारों की जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। उधर, थानाध्यक्ष निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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