महोबा। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले की दोनों विधानसभाओं में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) सर्वे शुरू हो गया है। इस कार्य के लिए 734 बीएलओ और 80 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। इस अभियान में 22 साल में बढ़े 1.71 लाख वोटरों का सर्वे किया जाएगा। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र दे रहे हैं।
इसमें वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मतदाताओं का मिलान किया जा रहा है। इसके लिए जिले के 488 मतदान केंद्रों के 734 बूथों पर 734 बूथ लेवल अधिकारी लगाए गए हैं। बीएलओ घर-घर जाकर वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जनवरी 2025 की मतदाता सूची से नामों का मिलान करेंगे। जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, ऐसे मतदाताओं को अपना नाम बचाने के लिए आयोग की ओर से सुझाए गए 13 विकल्पों में से एक आईडी प्रूफ देना होगा। इसके अलावा उन्हें आयोग की ओर से उपलब्ध दो पन्नों का गणना प्रपत्र भी भरना होगा। इसमें मतदाता की एक पासपोर्ट फोटो लगेगी।
बीएलओ सर्वे के तहत प्रत्येक मतदाता के घर पहुंच गणना प्रपत्र उपलब्ध करा रहे हैं। दूसरी बार घर पहुंचकर बीएलओ मतदाताओं से वह प्रपत्र भरवाकर वापस लेंगे। इसके बाद यदि किसी मतदाता के अभिलेख नहीं मिलते तो मतदाता का नाम सूची से अलग कर दिया जाएगा।
जिले की महोबा और चरखारी विधानसभा में पिछले 22 सालों में एक लाख 71 हजार 653 मतदाता बढ़े हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में पांच लाख 10 हजार 169 मतदाता थे जबकि जनवरी 2025 की सूची में संख्या बढ़कर छह लाख 81 हजार 822 हो गई। बढ़े मतदाताओं को आईडी प्रूफ देने के साथ ही गणना प्रपत्र भरना होगा।