महोबा।
पाखे शहीद बाबा का सालाना उर्स अकीदत मंदों ने धूमधाम से मनाया। अकीदत मंदों ने मजार के अकदस पर चादर चढ़ाई इसके बाद फातिहा पढ़ा गया। फातिहा के बाद नातिया कलाम और तकरीर का आयोजन किया गया।
तकरीर में रोजा नमाज पर जोर दिया गया। चुगली करने वालों की जमकर निंदा की गई।
काजीपुरा मुमताज गेट स्थित दरगाह पाखे शहीद के सालाना उर्स के मौके पर गुरुवार रात को नारा ए तकबीर अल्लाह अकबर की सदाओं के बीच चादर चढ़ाई गई।
इस मौके पर मुस्लिम भाइयों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मजार ए अकदस पर चादर चढ़ाने के बाद सभी लोगों ने मन्नतें मानी। इसके बाद नातिया कलाम का सिलसिला शुरू हुआ जो रात तक चलता रहा। शुक्रवार सुबह 6 बजे मजार ए अकदस पर कुरान ख्वानी का आयोजन किया गया।
उर्स के मौके पर काजी ए शहर कारी सैय्यद आफाक हुसैन ने कहा कि हजरत मोहम्मद साहब से मोहब्बत ईमान की अलामत है। उन्होंने कहा कि नमाज पढ़ो हजरत अली की तरह जिनके जिस्म से नमाज की हालत में शरीर में धंसा तीर निकाला गया तो उन्हें इसका अहसास नहीं हुआ। उन्होंने चुगली करने को रेप से बड़ा गुनाह बताया। उन्होंने बलियों का मर्तबा बताया और कहा कि बलियों की दरगाह में जाने से फैज हासिल होता है। उन्होंने कहा कि रोजा नमाज और तिलावत करने वालों को कब्र के अजाब से निजात मिलती है।