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Mahoba News: यूरिक एसिड बढ़ने पर हो जाएं सतर्क, गंभीर बीमारी का खतरा

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फोटो 05 एमएएचपी 01 परिचय-जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को देखते डॉक्टर। संवाद - फोटो : घटना के बाद गांव में लोगों से पूछताछ करते सीओ।
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महोबा। बदलती जीवनशैली व अनियमित खानपान का असर युवाओं की सेहत पर भी दिखने लगा है। पहले उम्रदराज लोगों में होने वाली यूरिक एसिड की समस्या अब युवाओं में बढ़ रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन आठ से 10 ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जिसमें पांच से छह युवा हैं।
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जिला अस्पताल के डॉ. राजेश कुमार भट्ट ने बताया कि खानपान में बदलाव और बदलती जीवनशैली से समस्या खासकर युवाओं में बढ़ रही है। इसके अलावा वजन ज्यादा होने पर शरीर की कोशिकाएं अधिक यूरिक एसिड बनाती हैं और किडनी इसे उतनी तेजी से बाहर नहीं निकाल पाती। शारीरिक गतिविधि की कमी मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देती है।
इससे समस्या और गंभीर हो जाती है। डॉ. जीसी वर्मा ने बताया कि यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। इसके चलते मरीजों में जोड़ों में दर्द, सूजन, हाथ-पैरों में जलन व झनझनाहट जैसी परेशानियां होती हैं।
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जांच के लिए मरीजों का ब्लड टेस्ट और यूरिन सैंपल लिया जाता है। इससे शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा का सही आकलन किया जा जा जाता है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है इसलिए खानपान व दिनचर्या में बदलाव जरूरी है।
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