महोबा। शासन की प्राथमिकता में शामिल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत आवेदन करने वालों को बैंकों की ओर से ऋण मुहैया कराने में मनमानी की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीन माह में उद्योग विभाग की ओर से बैंकों को 592 आवेदन भेजे गए। जिसमें से अब तक 115 लाभार्थियों को ही ऋण मुहैया कराया गया जबकि 250 आवेदनों को निरस्त कर दिया है। अधिकांश युवाओं को ऋण न मिलने से वह बैंकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का क्रियान्वयन उद्योग विभाग की ओर से किया जा रहा है। इसके तहत युवाओं को स्वयं का कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बनने के लिए पांच लाख रुपये तक का कर्ज चार साल के लिए ब्याजमुक्त मुहैया कराने का प्रावधान है। साथ ही 10 फीसदी सब्सिडी भी दी जा रही है। एक अप्रैल 2025 के बाद जिले के 592 युवाओं ने स्वयं का काम शुरू करने के लिए आवेदन किया था। उद्योग विभाग की ओर से सत्यापन के बाद इन आवेदनों को कर्ज वितरण के लिए बैंकों को भेजा गया। बैंकों की ओर से अभी तक सिर्फ 20 फीसदी आवेदकों को ही कर्ज मुहैया कराया गया।
उधर, उपायुक्त उद्योग महेशचंद्र सरोज का कहना है कि जो भी आवेदन आ रहे हैं, उसके दस्तावेज सत्यापित करने के बाद बैंकों को भेजा रहा है। कर्ज का वितरण बैंकों के स्तर से ही किया जाना है।
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केस-एक
इंडियन बैंक ने निरस्त किए 74 आवेदन
जिले में इंडियन बैंक की 17 शाखाएं हैं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत कर्ज के लिए इस बैंक की शाखाओं में 200 आवेदन भेजे गए। इसमें से बैंक की ओर से 32 आवेदन स्वीकृत किए गए जबकि ऋण 31 आवेदकों को दिया गया। बैंक की ओर से 74 आवेदनों को निरस्त कर दिया गया। अन्य आवेदन लंबित हैं।
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केस-दो
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक ने सिर्फ 16 आवेदकों को दिया कर्ज
जिले में आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की 22 शाखाएं हैं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत इस बैंक की शाखाओं को 84 आवेदन भेजे गए। जिसमें से 20 आवेदनों को स्वीकृत किया गया और इसके सापेक्ष सिर्फ 16 लोगों को ऋण दिया गया। बैंक की शाखाओं की ओर से 49 आवेदन निरस्त कर दिए गए जबकि अन्य आवेदन लंबित हैं।
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केस-तीन
एसबीआई में अधिकांश आवेदन लंबित
जिले में एसबीआई की सात शाखाएं हैं। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत इस बैंक की शाखाओं में 132 आवेदन भेजे गए। जिसमें से 10 आवेदनों को स्वीकृत कर ऋण बांटा गया जबकि 58 आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया। अन्य आवेदनों को लंबित रखा गया है।
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कोट
ऋण वितरण के लिए 129 आवेदनों को स्वीकृत किया गया है। कुछ आवेदकों के अभिलेखों में कमी है, इससे वह लंबित चल रहे हैं। इनके अभिलेख पूरे कराकर उनको भी ऋण मुहैया कराया जाएगा। अलग-अलग कारणों से कुछ आवेदन निरस्त भी किए गए हैं। -सरोज कुमार, एलडीएम, महोबा।