महोबा। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे लोगों की समस्या चंद मिनट में निस्तारित हुई। लोक अदालत में दस से 15 साल पुराने बैंक ऋण के मामले छूट के साथ दस मिनट में निपटे इससे वादकारियों में खुशी नजर आई।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश रामनगीना यादव ने फीता काटकर किया। लोक अदालत में 57,636 वादों का निस्तारण किया गया। जिसमें लघु आपराधिक मामलों के 2090, बिजली अधिनियम के 69, बैंक के 846, मोटर दुर्घटना के 29, सिविल के 15 वाद शामिल हैं। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अशोक कुमार यादव, नोडल अधिकारी ध्रुव राय, अपर सत्र न्यायाधीश लखविंदर सिंह सूद, प्राधिकरण के सचिव तेंद्र पाल, अपर जिला जज एफटीसी सर्वोत्तमा नगेश शर्मा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नितिन कुमार राठी आदि न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।
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बैंक ऋण के मामले में 32 हजार की मिली छूट
ब्लॉक कबरई के पसवारा गांव निवासी कल्लू पाल ने बताया कि आठ साल पहले केसीसी पर बेटी की शादी के लिए ऋण लिया था। जो अब बढ़कर 2.12 लाख रुपये हो गया। लोक अदालत की जानकारी हुई, तब यहां आने पर 10 मिनट में 1.80 लाख में मामला निपट गया। जो अगले साल फरवरी माह तक जमा करना है।
15 मिनट में 82 हजार का मामला पांच हजार में निपटा
ब्लॉक जैतपुर के स्यावन गांव निवासी उमाशंकर ने बताया कि 15 साल पहले जानवर खरीद के लिए यूपी ग्रामीण बैंक अजनर से 30 हजार रुपये का ऋण लिया था। कुछ किस्ते जमा भी की लेकिन लगातार न जमा करने पर अब यह बढ़कर 82 हजार रुपये हो गया। लोक अदालत में आने पर 15 मिनट के अंदर पांच हजार रुपये में वाद निपट गया।
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सात साल पहले जितना लिया ऋण, उतने में ही हो गया निस्तारण
ब्लॉक चरखारी के रिवई गांव निवासी चेतराम ने बताया कि सात साल पहले पशुपालन के लिए बैंक से केसीसी पर 32 हजार रुपये का ऋण लिया था। जो अब बढ़कर 71,800 रुपये हो गया। आधा घंटा पहले लोक अदालत में आए थे। जहां 32 हजार रुपये में मामला निपट गया। बैंक का काफी पुराना वाद निपटने से उन्हें खुशी है।