प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां के लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहे जाने पर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ भड़क उठा। मंगलवार को लेखपालों ने तहसीलों में धरना देकर नगर विकास मंत्री के इस बयान की कडे़ स्वर में निंदा की। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। इसमें ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियों पर रोक लगाने की मांग की
है। तहसील परिसर में धरने में संघ के अध्यक्ष यूसुफ खां ने कहा कि लेखपाल संवर्ग राजस्व विभाग का महत्वपूर्ण व सम्मानित संवर्ग है। लेखपाल किसानों व ग्रामीणों से संबंधित शासन की योजनाओं व नीतियों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि 29 जुलाई को जनपद मुरादाबाद की तहसील बिलारी में नगर पालिका भवन में
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान नगर विकास मंत्री आजम खां ने अपने उद्बोधन में लेखपाल को समाज का सबसे गंदा व्यक्ति कहकर पूरे संवर्ग को अपमानित किया है। उन्होंने कहा कि लेखपाल संवर्ग को अपमानित करने का अधिकार किसी को नहीं है। नगर विकास मंत्री की टिप्पणी से लेखपालों में भारी आक्रोश व्याप्त है। मंत्री पूर्व में भी लेखपालों के विषय में
अपमानजनक टिप्पणी कर चुके है। धरने में कई लेखपाल मौजूद रहे। कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार लेखपालों संघ कुलपहाड़ के अध्यक्ष सैय्यद अब्दुल मुईन की अध्यक्षता में लेखपालों ने धरना दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम रामयश गौतम को सौंपा। जिसमें नगर विकास मंत्री की टिप्पणी की निंदा की गई। धरने में वीरेंद्र कुमार सक्सेना, अशोक कुमार विश्वकर्मा, इंद्रपाल सिंह, हीरालाल, अजय तिवारी आदि लेखपाल मौजूद रहे।