महोबा। महिलाओं के खिलाफ ऑटो और ई-रिक्शा में होने वाली आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए नई पहल शुरू हो गई है। जिले की सड़कों पर संचलित सवारी वाहनों पर चालक को अपना नाम, मोबाइल नंबर व आधार कार्ड नंबर अंकित करना होगा। ऐसे में यदि किसी वाहन में कोई घटना होती है तो अपराधी तक पहुंचने में आसानी होगी और उस पर कार्रवाई की जा सकेगी।
राज्य महिला आयोग की ओर से इसको लेकर पहल की है। आयोग का कहना है कि महिलाएं ऑटो पर आगे-पीछे अंकित वाहन नंबर की ओर ध्यान नहीं देती हैं। ऐसे में अपराध होने पर महिला घबरा जाती हैं और ऑटो चालक का चेहरा तक भूल जाती हैं। ऑटो चालकों की पहचान के लिए नाम, नंबर व आधार कार्ड नंबर सार्वजनिक होंगे तो इस व्यवस्था के तहत तीन में से एक विकल्प यदि पीड़िता को याद रहेगा तो आसानी से आरोपी को पकड़ने में मदद मिलेगी। परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह ने इस पहल पर मुहर भी लगा दी।
शहर के अलग-अलग स्थानों पर सड़क किनारे कैमरे लगे हैं। ऐसे में यातायात, पुलिस और आरटीओ कैमरे से निगरानी कर ऑटो चालक को आसानी से पकड़ सकेंगे। उधर, आरटीओ दयाशंकर का कहना है कि ऑटो चालकों को अपनी पहचान सार्वजनिक करनी होगी। शासनादेश मिलते ही इस पर अमल कराया जाएगा।
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जिले में संचालित हैं 3,500 ई-रिक्शा व एक हजार ऑटो
महोबा। जिले बड़ी संख्या में सवारी वाहन संचालित हो रहे हैं। शहर समेत कस्बों व ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग इन वाहनों में सवार होकर यात्रा करते हैं। परिवहन विभाग में इस समय करीब 3,500 ई-रिक्शा और एक हजार ऑटो पंजीकृत हैं। अब इस सभी ई-रिक्शा व ऑटो चालकों को अपनी पहचान सार्वजनिक करनी होगी।