कुलपहाड़ निवासी इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता एनके मिश्रा का कहना है कि हर सप्ताह इलाहाबाद से कुलपहाड़ आते-जाते हैं। रात में काली-पीली व काली-सफेद पेंट किए गए डिवाइडर, पुल की दीवारें व साइन बोर्ड वाहन चलाने में सहायता करते हैं। इनको किसी दूसरे रंग से पेंट करना कानूनन अपराध है। इसमें सजा का प्रावधान भी किया गया है। यदि पेंट किए गए स्थान पर कोई दुर्घटना होती है तो उसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है।
कुलपहाड़ निवासी अंशुमान का कहना है कि डिवाइडर और पुलों पर काली-सफेद पेंट राष्ट्रीय राजमार्ग द्वारा कराई जाती है। ताकि रात में चालक वाहन चलाते समय डिवाइडर व पुल की दीवार से न टकराए। यदि डिवाइडर व पुल की दीवारें किसी अन्य रंग से पेंट करेंगे तो रात में वाहन चालक सही ढंग से नहीं समझ पाता और दुर्घटना हो जाती है। डिवाइडर में मनमाने तरीके से रंग कराना लोगों के लिए बेहद खतरनाक है और इसे रोका जाना चाहिए।
हाइवे पर रंगरोगन किए जाने की जानकारी नहीं हैं। अगर पेंटिंग की जा रही है तो एनएचएआई के जिम्मेदारों को मामले का संज्ञान लेना चाहिए।
तेज बहादुर सिंह, सीओ कुलपहाड़