कस्बे के मोहल्ला तिवारीपुरा में युवती के छलांग
लगाने के 46 घंटे बाद कड़ी मशक्कत के बाद सेना के जवानाें ने 15 फुट नीचे
तालाब के दलदल में फंसे युवती के शव को बाहर निकाला। शव निकलते ही परिजनों
में रोना पीटना मच गया।
थाना श्रीनगर के ग्राम भंडरा में ब्याही
रजनी शुक्रवार को ससुराल से लौटकर मायके पनवाड़ी आई थी। कुछ देर बार ही
उसने घर के पीछे स्थित दलदल युक्त तालाब में छलांग लगा दी।
हालांकि
पिता उसे बचाने को दौड़ा लेकिन दलदल होने के कारण वह तालाब में कूदने की
हिम्मत नहीं जुटा पाया। युवती भी तालाब के दलदल में फंसकर ऊपर नहीं आ पाई।
युवती के तालाब में कूदने की खबर पूरे कस्बे में फैल गई। तालाब के किनारे
भारी भीड़ जमा हो गई।
प्रशासन ने फायर ब्रिगेड की मशीन और गोताखोरों
को भेजा लेकिन गोताखोर उसका सुराग नहीं लगा सके। बारह घंटे तक जेसीबी मशीन
से भी युवती की खोजबीन की गई, किंतु कामयाबी नहीं मिली। घटनास्थल का
निरीक्षण करने पहुंचे पुलिस अधीक्षक केके गहलोत ने शव न निकलते देख
इलाहाबाद फोन कर जल पुलिस को बुलाया।
रविवार की सुबह जल पुलिस ने
भी शव निकाल पाने से हाथ खड़े कर दिए। इस पर डीएम वीरेश्वर सिंह ने आला
अफसरों से बातचीत कर झांसी से सेना के जवानों को बुलवाया। झांसी रेजीमेंट
के कैप्टन विकास गोपाल पारिक के नेतृत्व में 234 सदस्यीय टीम रविवार को
पनवाड़ी पहुंची।
सूबेदार सतीश चंद्र, एसके महाना, राजकुमार, उदयवीर
सिंह, महेश सिंह, कमल राम, रमेश चंद्र, राकेश कुमार मांझी ने जवानों के
साथ बोट की मदद से तालाब में शव की तलाश शुरू की। शाम 5:30 बजे जाल डालकर
दलदल में 15 फुट नीचे फंसा युवती का शव बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव का
पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
तालाब में युवती का शव खोजने
आए जल पुलिस का एक जवान दलदल में बाल-बाल बच गया। जैसे ही वह तालाब में
उतरा, दलदल में फंसने लगा। साथी की जान जोखिम में देख जल पुलिस कर्मियाें
ने मशक्कत कर उसे बाहर निकाला। इस पर जल पुलिस के जवानों ने युवती का शव
निकाल पाने से हाथ खड़े कर दिए।