टैंकर से टपक रही बूंद से गला तर करता अन्ना जानवर
बुंदेलखंड की पठारी धरती में गर्मी का मौसम शुरू होते ही पानी का संकट गहराने लगा है। ग्रामीण तो किसी तरह पानी की जुगाड़ कर लेते है, लेकिन अन्ना जानवर पानी की तलाश में इधर-उधर भटकने लगे है। मवेशियों के लिए बनाई गई चरही सूखी पड़ी है।
गर्मी के मौसम में प्रत्येक वर्ष जिले में पानी की समस्या विकराल हो जाती है। इससे पशु पक्षियों और अन्ना मवेशियों की प्यास बुझाने के लिए गांव-गांव में चरही का निर्माण कराया गया था, लेकिन सारी चरही सूखी पड़ी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में हालात और खराब है। सैकड़ों की संख्या में अन्ना घूम रहे जानवर प्यास बुझाने के लिए भटक रहे है। शनिवार को विकासखंड कबरई के मजरा पठारी में टैंकर खाली होने के बाद टोटी से टपक रही पानी की बूंद देखकर अन्ना मवेशी गला तर करते नजर आए।
कुछ यही हाल हैंडपंपों के आसपास घूमने वाले अन्ना जानवरों का है। एसडीएम सदर प्रबुद्ध सिंह का कहना हैं कि जल्द ही चरही भरवाई जाएगी। अन्ना जानवरों के लिए पानी का इंतजाम कराया जाएगा।