वनों के सुंदरीकरण, तारबाड़ी और पौधरोपण के लिए आए लाखों रुपये का बजट हजम करने और बिना चुनाव कराए अपने आदमी को संयुक्त वन समिति का अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने कुल्हाड़े लेकर पांच एकड़ जंगल के पेड़ काट कर साफ कर दिए। ग्रामीणों द्वारा वनों की कटाई की सूचना मिलने पर वन क्षेत्राधिकारी पनवाड़ी और पुलिस ने जंगल में डेरा जमा लिया है।
वन विभाग और जायका एनजीओ के संयुक्त तत्वावधान में वनों को संरक्षित करने, चेकडैम बनाने, तालाब की खुदाई करने के लिए हर साल लाखों रुपये भेजा जा रहा है। सरकार से आने वाला पैसा संयुक्त वन समिति के अध्यक्ष और वन विभाग के कर्मचारी के संयुक्त खाते में भेजा जाता है, लेकिन समिति के अध्यक्ष और वन विभाग द्वारा लाखों रुपये का बजट ठिकाने लगाया जा रहा है। जिससे न तो वनों की सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे और न ही वृक्ष लगाए जा रहे है, इससे क्षुब्ध होकर पनारा गांव के ग्रामीणों ने जंगल के पेड़ों को काटना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने तीन दिन के अंदर पांच एकड़ जंगल साफ कर दिया है। जंगल काटे जाने की खबर लगते ही गुरुवार को वन क्षेत्राधिकारी हरी सिंह वर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ जंगल में डेरा जमा लिया है और ग्रामीणों को समझाने बुझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों ने एक नहीं माने, जिससे वन विभाग की नींद हराम हो गई है। गुरुवार को वन विभाग के रेंजर ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है, वन क्षेत्राधिकारी हरी सिंह वर्मा का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा कटान की जा रही है, मामले की जांच पड़ताल के बाद ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।