विधानसभा चुनाव कराने के लिए बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पोलिंग पार्टियां पॉलीटेकिभनक परिसर से विभिन्न बूथों के लिए रवाना की गई।
विधानसभा चुनाव के लिए 718 पोलिंग बूथों के लिए बुधवार को 718 पोलिंग पार्टियां रवाना की गई। चुनाव ड्यूटी के लिए 3,446 कर्मचारियों और शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है। इसमें से करीब 574 कर्मचारियों की रिजर्व में ड्यूटी लगाई गई है।
पॉलीटेक्निक परिसर चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों व शिक्षकों से खचाखच भर गया। सुबह सात बजे ही लोग चुनाव ड्यूटी के लिए पहुंच गए। जहां पर पहले से ही बसें और ट्रक पोलिंग बूथों पर भेजने के लिए तैयार थे। तमाम महिलाओं को पोलिंग बूथों तक भेजने के लिए ट्रक दिए गए। इससे महिलाओं को ट्रक में चढ़ने में भारी दिक्कत का सामना पड़ा। ट्रकों और बसों से पोलिंग पार्टियां गहमा गहमी के बीच रवाना हुई। चुनाव ड्यूटी में लगाए गए कर्मचारियों ईवीएम मशीन और चुनाव सामग्री मुहैया कराई।
विधानसभा चुनाव में महिलाओं की ड्यूटी लगने से छोटे छोटे शिशु लेकर महिलाएं ड्यूटी कटवाने पहुंच गई। इससे सीडीओ गरम हो गए। इससे महिलाओं की खासी नोंकझाेंक हुई। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सात-सात माह के छोटे बच्चे वाली माताओं की भी ड्यूटी न काटने से महिला कर्मचारी बिगड़ गई।
विधानसभा चुनाव में मतदान करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने पहचान पत्र के रूप में एक दर्जन विकल्प निर्धारित कर दिए गए है। जिसमें फोटोयुक्त पास्पोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राज्य/केंद्र सरकार, पब्लिक लिमिटिड कंपनियों के फोटोयुक्त पहचान पत्र, बैंक/डाकघरों द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक, पैनकार्ड, आरजीआई, स्मार्टकार्ड, मनरेगा जॉबकार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्टकार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, अधारकार्ड, सांसद विधायकों को जारी किए गए पहचान पत्र आदि शामिल है।