नगर पालिका प्रशासन की लगातार अनदेखी के चलते अंबेडकर पार्क बदहाल हो गया है, न तो पार्क में अब घास बची है और न ही पेड़ पौधे वहीं देखरेख के अभाव में पार्क उजड़ता जा रहा है, जिससे सुबह- शाम घूमने जाने वाले लोगाें ने भी पार्क में आना बंद कर दिया है, जिससे पार्क पशुओं का आरामगाह बनकर रह गया है। जाने वाले लोगों ने भी अब जाना बंद कर दिया है। जिससे यह पार्क पशुओं का आरामगाह बन गया है।
मालूम हो कि दो दशक पहले आल्हा चौक के पास अंबेडकर पार्क बनाया गया था। इस पार्क में हरी घास, बैठने के लिए कुर्सियां, पेड़ पौधे और सुंदर फूल लगाए गए थे और हरी घास में घूमने के लिए सुबह- शाम इस पार्क में लोगों का जमवाड़ा लगता था। बसपा शासनकाल में पार्क की सफाई व्यवस्था में तैनात कर्मचारी घास को हरा भरा रखता था। जो पौधों की देखरेख के साथ साथ सिंचाई भी करता था। सुंदर फूल और पेड़ पौधे पार्क में चार चांद लगाते थे। बसपा के बाद सपा सरकार आने के बाद पार्क दिन प्रतिदिन उजड़ता गया। इस पार्क में सुरक्षा के लिए लगाए गए कर्मचारी भी हटा दिए गए, जिसके चलते पार्क धीरे धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। दो दशक में कई बार बसपा का शासन आने पर पार्क के दिन लौटे और दूसरी सरकार बनते ही पार्क उजड़ने लगा। यही वजह है कि अब अंबेडकर पार्क पूरी तरह से वीरान सा हो गया है। यहां पर सैर करने वाले भी अब नहीं आते हैं।
सभा स्थल बनकर रह गया पार्क
देखरेख के अभाव में पार्क के पेड़ खत्म होने से अब यहां पर सिर्फ मैदान रह गया है, जिससे राजनैतिक दलों और व्यापारियों के कार्यक्रमों के लिए सभा स्थल बन गया है। हालत यह है कि इस पार्क में आए दिन सभाएं होती रहती हैं। इतना ही नहीं पार्क के बरगद के पेड़ से बेहतर छाया मिलने के कारण इस पार्क में धरना प्रदर्शन और सभाएं भी करने लगे हैं, जिससे यह पार्क सैर करने वालों की चहल पहल के बजाए सभाओं और धरना प्रदर्शन से गुलजार है।
पार्क मुसाफिरों के लिए बन आरामगाह
शहर का मुख्य चौराहा पर अंबेडकर पार्क होने से दूर-दराज से आने वाले मुसाफिरों के लिए यह पार्क आरामगाह बन गया है। हर माह चित्रकूट कामतानाथ के दर्शन को पैदल जाने वाले श्रद्धालु इसी पार्क में ठहरकर भोजन भी बनाते हैं और बरगद के पेड़ की छाया के नीचे कुछ क्षण गुजारते हैं। इतना ही नहीं कुछ साधू संत यह पर कई कई दिनों तक डेरा जमाकर कर रहते हैं और पार्क के आसपास पड़ी लकड़ियां एकत्रित कर भोजन बनाते हैं।
अंबेडकर पार्क के अलावा शहर के अन्य पार्कों का खोया वैभव लौटाने के लिए पालिका प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। जल्द ही अंबेडकर पार्क के साथ साथ नेहरू पार्क का भी कायाकल्प करके यादगार पार्क बनाया जाएगा। पार्कों की देखरेख और सुंदरीकरण के लिए कर्मचारियों को भी लगाया जाएगा।
पुष्पा अनुरागी
अध्यक्ष नगर पालिका महोबा