बेलाताल/अजनर। महोबा में खाद के लिए मारामारी मची है। सुबह से ही समितियों में किसानों की भीड़ जुट रही है। अजनर समिति में लाइन में लगे किसानों ने खाद वितरण में पक्षपात का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। तब पुलिस की मौजूदगी में किसानों को खाद का वितरण कराया गया। अजनर और जैतपुर समिति में 575 किसानों को खाद बांटी गई, एक हजार से अधिक किसान मायूस होकर लौट गए।
साधन सहकारी समिति अजनर में डीएपी खाद आने की सूचना मिलने पर सोमवार को भोर से ही किसान पहुंच गए। लाइन में लगे किसानों को जब खाद नहीं मिली तो उन्होंने हो-हल्ला शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि समिति के कर्मचारी टोकन सिस्टम में हेराफेरी कर चहेतों को लाभ पहुंचा रहे हैं। बताया कि वह दस दिन से खाद के लिए भटक रहे हैं लेकिन उन्हें खाद नहीं मिली। इससे रबी फसल की बोआई प्रभावित हो रही है। किसानों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंच स्थिति संभाली।
तहसीलदार आशीष गौतम भी राजस्व टीम के साथ पहुंचे और खाद वितरण कराया। अजनर समिति में टोकन सिस्टम से 150 और चेक से 125 किसानों को खाद बांटी गई जबकि 200 से अधिक किसान बिना खाद लिए बैरंग लौट गए। समिति के सचिव भूपकिशाेर ने बताया कि 500 बोरी खाद आई थी। जिसे नियमानुसार किसानों को वितरित किया गया।
बेलाताल संवाद के अनुसार सहकारी समिति जैतपुर में खाद वितरण की सूचना पर दस से अधिक गांवों के किसान समिति पहुंच गए। एसके महाविद्यालय परिसर से किसानों को एक-एक बोरी का टोकन दिया गया। घंटों इंतजार के बाद भी अधिकांश किसानों को खाद नहीं मिली। लंबी-लंबी कतारों में लगे किसान लक्ष्मीप्रसाद, भारत, रामसेवक आदि ने बताया कि एक-एक बोरी खाद दी जा रही है। वह भी अधिकांश किसानों को नहीं मिली। आरोप लगाया कि टोकन के क्रम संख्या के हिसाब से खाद वितरण नहीं किया गया। खाद लेने पहुंचे एक हजार से अधिक किसानोंं मेंं से 300 किसानोंं को खाद मिली जबकि अन्य किसान मायूस लौट गए। समिति के सचिव मथुरा प्रसाद ने बताया कि 500 बोरी खाद आई थी। चेक वाले 200 किसानों को दो-दो बाेरी खाद दी गई जबकि नकद वाले 100 किसानों को एक-एक बोरी खाद का वितरण नियमानुसार वितरण किया गया।
आठ दिन से लगा रहे चक्कर
अजनर निवासी किसान लखन पाल का कहना है कि वह आठ दिन से खाद के लिए भटक रहे हैं लेकिन खाद नहीं मिल रही है। इससे उनकी रबी फसल की बोआई पिछड़ जाएगी।
दिनभर लाइन में लगे शाम को खाली हाथ लौटे
मगरिया निवासी भानप्रताप साहू कहते हैं कि एक सप्ताह से प्रतिदिन समिति के चक्कर लगा रहे हैं। टोकन वाले किसानों को खाद दी जा रही है। अन्य किसान पूरे दिन लाइन में लगने के बाद बैरंग लौटने को मजबूर हैं।
फोटो 29 एमएएचपी 23 परिचय-देवेंद्र रिछारिया। संवाद
15 दिन से खाद के लिए परेशान
किसान देवेंद्र रिछारिया का कहना है कि वह आए दिन समिति के चक्कर लगा रहे हैं। 15 दिन हो गए हैं लेकिन कर्मचारियों की मनमानी के चलते खाद नहीं मिल पा रही है। इससे वह परेशान हैं।
अब हाल बहुत खराब है
बुधवारा समिति के पूर्व सचिव व किसान हरगोविंद का कहना है कि जब वह समिति के सचिव थे, तब ऐसा नहीं था। अब तो हालात बहुत खराब हैं। जब पूर्व कर्मचारियों का यह हाल है तो किसानों का क्या होता होगा। उन्हें भी खाद नहीं मिल सकी।
फोटो 29 एमएएचपी 19 परिचय-अजनर समिति में खाद के लिए कतार में लगे किसान। संवाद