महोबा। अनुसूचित जाति के दूल्हा अलखराम की शादी में नया पेंच फंस गया है। आधार कार्ड के अनुसार दुल्हन की उम्र 17 साल होने से सोशल मीडिया पर शादी रुकने की पोस्ट वायरल हो रहीं है। ऐसे में माना जा रहा है कि अलखराम को घोड़ी चढ़ने के लिए एक वर्ष का इंतजार करना पड़ेगा। उधर अपर एसपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीओ कुलपहाड़ तेज बहादुर को जांच के आदेश दिए हैं।
महोबकंठ थाना क्षेत्र के माधवगंज गांव में आज तक कोई भी अनुसूचित जाति का दूल्हा घोड़ी नहीं चढ़ा है। गांव के अलखराम ने 18 जून को होने वाली उसकी शादी में घोड़ी चढ़कर बरात निकालने और पुरानी परंपराओं को तोड़ने के लिए सोशल मीडिया में पोस्ट वायरल कर विभिन्न संगठनों से सहयोग मांगा था। जिसके बाद सुर्खियों में आए अलखराम से मिलने के लिए कांग्रेस, भीम आर्मी, सपा, बसपा व आजाद समाज पार्टी ने गांव पहुंच अलखराम से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया। इतना ही नहीं अलखराम ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को निमंत्रण कार्ड भेजकर शादी में आने का न्योता दिया था। प्रियंका गांधी के निर्देश पर गांव पहुंची दो सदस्यीय टीम ने अलखराम की शादी में घोड़ी की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया था।
अलखराम की शादी को लेकर गांव में तैयारियां चल रही हैं। शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके हैं। ऐसे में दुल्हन के नाबालिग होने की खबरें सोशल मीडिया में बुधवार को वायरल हो गईं। जिससे अलखराम को शादी के लिए और इंतजार करने की आशंका जताई जा रही है।
अपर एसपी आर.के गौतम ने बताया कि अलखराम की जिस लड़की से शादी होना है उसकी उम्र कम होनेे की जानकारी सोशल मीडिया में वायरल हुई है मामले की हकीकत जांचने के लिए सीओ कुलपहाड़ को भेजा गया है। यदि लड़का-लड़की दोनों में कोई भी नाबालिग होता है तो शादी की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अलखराम का कहना है कि शादी तय होने से पहले रामसखी के नाबालिग होने की जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया में खबर वायरल होने पर उसको जानकारी हुई है। प्रशासन मामले की जांच करा रहा है। वह भी कानून के नियमों के बंधा है। प्रशासन का सहयोग करेगा। नियमों के अनुसार कार्य करेगा।