महोबा। विकासखंड कबरई की ग्राम पंचायत नथूपुरा की अनुसूचित जाति की महिला प्रधान को ऑनलाइन मीटिंग के दौरान दबंगों द्वारा कुर्सी से उठाने के मामलेे की हर तरफ निंदा की जा रही है। गांव के लोग जात-पात को भूलकर भेदभाव की बजाय गांव के विकास पर जोर देने की बात कर रहे हैं।
बुद्धिजीवी वर्ग सामाजिक समरसता को बल देकर घटना की निंदा कर रहे हैं। गौरतलब है कि दो जून को विकास खंड कबरई के प्रधानों की अफसरों के साथ ऑनलाइन मीटिंग चल रही थी। इसमें ग्राम पंचायत नथूपुरा की प्रधान भी पंचायत भवन में बैठकर मोबाइल के द्वारा मीटिंग में जुड़ी थी। इसी दौरान दबंगों ने उसे जाति सूचक शब्दों से संबोधित कर प्रधान की कुर्सी से उठा दिया था। इसके बाद महिला प्रधान की तहरीर पर दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में अभी तक सिर्फ एक आरोपी की ही गिरफ्तारी हो सकी है। पुलिस शेष आरोपियों की तलाश कर रही है।
ग्रामीणों की राय
- नथूपुरा निवासी प्रेमचंद्र प्रजापति कहते हैं कि महिला ग्राम प्रधान के साथ घटित हुई घटना निंदनीय है। ऊंच-नीच और जात-पात से ऊपर उठकर विकास के बारे में चर्चा करनी चाहिए।
- नथूपुरा ग्राम पंचायत के मजरा प्रेमनगर निवासी बुजुर्ग कंबोदा कहते हैं कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए। सभी को समानता का अधिकार है। महिलाओं का आदर सम्मान करना चाहिए।
- पूर्व कुलपति राजाराम यादव का कहना है कि संविधान में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिले हैं। महिलाओं के उत्थान सेे देश और समाज प्रगति कर रहा है, जिले में अनुसूचित जाति की महिला को जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर कुर्सी से उठा देने की घटना निंदनीय है।
- पूर्व प्रधानाचार्य शिव कुमार गोस्वामी का कहना है कि महिलाओं के शिक्षित होने से समाज तरक्की रहा है। उन्हें आगे आने को प्रेरित करने की बजाय ऊंच नीच और भेदभाव के नजरिए से देखना गलत है। पुलिस को इस मामले में सख्त कार्रवाई कर बड़ा संदेश देना चाहिए।
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नेताओं ने दिलाया मदद का भरोसा
नथूपुरा ग्राम पंचायत की महिला प्रधान से नेताओं ने संपर्क कर मदद का भरोसा दिलाया है। प्रधान पति वीरेंद्र ने बताया कि घटना को लेकर पूर्व मंत्री ध्रूवराम चौधरी, बसपा जिलाध्यक्ष गंगादीन अहिरवार व जगदीश अहिरवार ने घर पहुंच कर हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया है।