महोबा। प्याज की बढ़ती कीमतों के बाद अब टमाटर की कीमत आसमान पर पहुंच गई हैं। जिससे गरीबों की थाली से टमाटर गायब हो गया है। इतना ही नहीं सलाद में भी अब टमाटर ढूढ़े नहीं मिल रहा है। हालात यह है कि दस रुपये किलो बिकने वाला टमाटर 50 रुपये किलो बिक रहा है।
टमाटर की बढ़ती कीमतों के चलते जिले में टमाटर की आवक कम हो गई है। जिससे यहां पर भी टमाटर कम आने के कारण उसकी कीमतें बढ़ गई हैं। इस मौसम में लोकल क्षेत्र में टमाटर की पैदावार नहीं होती है। जिससे यहां के आढ़ती भी बाहरी टमाटर पर आश्रित हैं। टमाटर महंगा होने से कम दुकानदार ही खरीदते हैं। जिसके बाद उन्हें मनमाने दाम पर बेचा जा रहा है। इससे गरीब वर्ग के लोगों की बिना टमाटर के बनने वाली सब्जी का स्वाद गड़बड़ा गया है। मौजूदा समय में बाजार में टमाटर की कीमत 50 रुपये किलो पहुंच गई है। सब्जी आढ़ती सुक्खू रैकवार कहते है कि बाहर से टमाटर कम आने के कारण इसकी कीमतों में इजाफा हुआ है। बताया कि अभी देसी टमाटर की आमद शुरू नहीं हुई है। देसी टमाटर आने के बाद उसकी कीमतों में कमी आएगी।