महोबा। अधिवक्ताओं की मौत पर विधवाओं को पांच लाख रुपये दिए जाने, प्रोटेक्शन एक्ट लागू किए जाने, 60 साल की आयु पार कर चुके अधिवक्ताओं को पेंशन दिए जाने आदि मांगों को लेकर सोमवार को जिले के अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। अधिवक्ताओं के हड़ताल पर रहने से न्यायालयों में कोई कामकाज नहीं हो सका। जिससे दूर-दराज से आए वादकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
बार कौंसिल ऑफ उत्तरप्रदेश के आह्वान पर सोमवार को बार एसोसिएशन के अध्यक्ष केसरदास राजपूत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में लाल पट्टी बांधकर अधिवक्ताओं ने हड़ताल की। इससे न्यायिक कामकाज नहीं हो सका। चरखारी प्रतिनिधि के अनुसार बार एसोसिएशन चरखारी के अध्यक्ष सुशील श्रीवास्तव की अध्यक्षता में वकीलों ने बैठक आयोजित की। तब बार कौंसिल के आह्वान पर हड़ताल किए जाने की घोषण की। अधिवक्ता सारा दिन लाल पट्टी बांधें रहे।
कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार तहसील बार अध्यक्ष शिवराम सिंह राजपूत के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मो. उवैस को सौंपा। ज्ञापन में बताया कि भाजपा सरकार ने अधिवक्ताओं के हितों के लिए तमाम कार्य करने का वादा किया था, लेकिन कोई भी अधिवक्ताओं के हित में कार्य नहीं किए गए। ज्ञापन में बताया कि पूर्व सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष 40 करोड़ न्यासी समिति को दावों के भुगतान के लिए दिए जाने का प्रावधान किया गया था। वर्तमान सरकार द्वारा उसको नहीं दिया जा रहा है। उपरोक्त भुगतान न होने से अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। विधवाओं और युवा अधिवक्ताओं को पैसा न मिलने के कारण बार कौंसिल द्वारा संचालित योजनाएं फेल होने की कगार पर हैं। इस मौके पर महामंत्री सुनील कुमार द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष शाकिर खान, बृजेंद्र द्विवेदी, रवींद्र उपाध्याय, भारत सिंह, लक्ष्मन सिंह, सुजान सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।