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भाकियू ने किसानों के साथ तहसील पहुंच किया प्रदर्शन

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महोबा। जिले में हुई ओलावृष्टि व बारिश से बर्बाद फसल के मुुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन ने आधा सैकड़ा से ज्यादा किसानों के साथ तहसील पहुंचकर प्रदर्शन कर विरोध जताया। बाद में नारेेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर राकेश कुमार को सौंपा। ज्ञापन में बर्बाद हुई रबी की फसल का मुआवजा जल्द से जल्द दिलाए जाने की मांग की।
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एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि सपा, बसपा सरकार द्वारा किसानों के हित में ब्याजमाफी, ऋणमाफी योजना जो लागू की गई थी। उसका लाभ आजतक किसानों को नहीं मिला। प्रदेश सरकार द्वारा ऋणमोचन योजना के अंतर्गत तमाम किसानों को लाभ से वंचित किया जा रहा है। इसके अलावा पिछले कई सालों से आपदा पीड़ित किसानों को फसल बीमा क्षतिपूर्ति धनराशि भी नहीं दी गई। वंचित किसानों को उच्चस्तरीय जांच कराकर लाभ दिलाए जाने की मांग की। बताया कि भूमि विकास बैंक द्वारा ऋणी किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2019 में खरीफ की फसल अतिवृष्टि से नष्ट हो गई थी लेकिन आजतक किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया जबकि उर्द का बीज सहकारिता और कृषि विभाग द्वारा लिया गया था लेकिन उसमें फल नहीं आया। तिल और मूंग की फसल बारिश से बर्बाद हो गई थी। अब रबी की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। किसान दाने-दाने को मोहताज हो गया है। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष रामखिलावन शुक्ला, जिला महामंत्री इश्हाक खां, हरीहर दीक्षित, बृजेंद्र तिवारी, बैजनाथ अवस्थी, विनोदनी तिवारी, सुुुभाष चौरसिया, हरदत्त पांडेय सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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फसलें नष्ट होने से संकट में किसान
कुलपहाड़ (महोबा)। विकासखंड जैतपुर के बगवाहा, महुआबांध, मगरिया, जैलवारा सहित आधा दर्जन गांव के किसानों ने बुंदेलखंड किसान यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी कुलपहाड़ मो. उवैस को ज्ञापन में सौंपा। ज्ञापन में ओलावृष्टि व आंधी में बर्बाद हुई फसल की जांच पड़ताल कराकर मुआवजा दिलाए जाने की मांग की। बताया कि आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, लाही, मटर, मसूर आदि की 50 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गई हैं। फसलें नष्ट हो जाने से किसानों के सामने संकट पैदा हो गया है। किसानी के अलावा अन्य कोई आय का जरिया नहीं है। एसडीएम से जांच व सर्वे कराकर किसान को राहत प्रदान करने की मांग की।
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