जूनियर डिविजन कुलपहाड़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट अंकित गोयल के मकान मालिक को धमकी देने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट की सुरक्षा की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने हड़ताल कर दी।
सपा नेता द्वारा सिविल जज जूनियर डिवीजन के मकान मालिक सुनील कुमार अग्रवाल को धमकी दिए जाने के मामले में अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताया। घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह न्यायिक व्यवस्था की गरिमा के विरुद्ध है। अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन के अध्यक्ष की सुरेंद्र नारायण मिश्रा की अध्यक्षता में बैठक कर हड़ताल का ऐलान किया। बैठक में जमना प्रसाद सोनी, सुरेंद्र कुमार खरे, विश्वकांत खरे, हरेंद्र पाल सिंह, पनवसुख खरे, देवेंद्र कुमार शुक्ला, विनोद कुमार साहू, अजय कुमार निरंजन, अनवर अली, जितेंद्र शुक्ला सहित तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।
क्या है मामला
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के रेप संबंधी बयान पर न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें समन भेज 16 सितंबर को अदालत में पेश होने कहा। मुलायम ने इस आदेश पर स्टे ले लिया। सोमवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट के मकान मालिक सुनील अग्रवार ने आरोप लगाया कि सपा के युवजन सभा के जिलाध्यक्ष भागीरथ यादव ने उन्हें फोन कर धमकी दी कि जज से मकान खाली करवा लो।
कौन हैं जज अंकित गोयल
मूल रूप से मेरठ के रहने वाले 37वर्षीय अंकित गोयल 2009 बैच के जुडिशल अफसर हैं। वह बरेली फर्रुखाबाद में भी रह चुके हैँ। जुलाई 2014 में फर्रुखाबाद से स्थानांतरित होकर महोबा के कुलपहाड में कार्यरत हैं।