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तत्कालीन एसपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कबरई (महोबा)। भ्रष्टाचार के मामले में फंसे तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार (निलंबित) की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। लनखऊ की एक निजी कंपनी के निदेशक की तरफ से महोबा नगर कोतवाली में दर्ज भ्रष्टाचार व धमकी के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तत्कालीन एसपी की अग्रिम जमानत की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी। अब आरोपी एसपी की तलाश पुलिस ने और तेजी कर दी है। पुलिस ने एसपी के राजस्थान, लखनऊ और अन्य संभावित स्थानों पर दबिशें दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगे हैं।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के निर्माण में गिट्टी की आपूर्ति करने वाली लखनऊ की एक निजी कंपनी के निदेशक नीतीश पांडेय ने महोबा कोतवाली में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, खन्ना थानाध्यक्ष रहे राकेश कुमार सरोज और तत्कलीन खरेला थानाध्यक्ष राजू सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम और वसूली की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए तत्कालीन एसपी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद खारिज कर दी।
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बता दें कि त्तकालीन एसपी मणिलाल पाटीदार को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। उन पर 25 हजार का इनाम भी घोषित है। क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी मौत के मामले में भी मणिलाल समेत तीन पुलिसकर्मियों व दो व्यापारियों के खिलाफ कबरई थाने में भी भ्रष्टाचार, आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज है। इस मामले में आरोपी तत्कालीन कबरई थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार शुक्ला को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी सिपाही अरुण कुमार यादव लखनऊ की एंटी करप्शन कोर्ट में सरेंडर कर जेल जा चुका है। अभी मुख्य आरोपी मणिलाल पाटीदार फरार है। इस मामले में भी हाईकोर्ट उनकी अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर चुकी है।
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