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Mahoba News: गुड़ और तिल से बनी चिक्की, लड्डू की सजीं दुकानें

Fri, 26 Dec 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
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फोटो 26 एमएएचपी 01 परिचय-मुख्य बाजार में गजक व अन्य सामग्री की सजी दुकान से खरीदारी करते ग्राहक - फोटो : टूंडला के गांव ठार हीरासिंह में जले हुए कपडे़ दिखाते पीडि़त परिवार संवाद
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महोबा। मकर संक्रांति नजदीक आते ही शहर के मुख्य बाजार समेत कस्बों व गांवों में त्योहारी रंग चढ़ने लगा है। लाई, पट्टी (चिक्की), तिलकुट, लड्डू समेत अन्य पारंपरिक मिठाइयों की दुकानें जगह-जगह सज गई हैं। लाई, पट्टी, बादाम पट्टी, रामदाना लड्डू, पेठा और तिलकुट की लोग खूब खरीदारी कर रहे हैं।
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बाजार में रंग-बिरंगी लाई पट्टियों व पारंपरिक तिलकुट की दुकानों पर अलग ही रौनक पैदा कर दी है। दुकानदारों का कहना है कि पर्व निकट आते ही ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। त्योहार से जुड़े इन विशेष व्यंजनों की मांग इस बार पिछले साल की तुलना में अधिक देखी जा रही है। दुकानदार कैलाश, पप्पू ने बताया कि बाजार में लाई की विभिन्न किस्म की पट्टी और तिल से बनी विभिन्न खाद्य सामग्री उपलब्ध हैं। थोक व्यापारी अभिषेक ने बताया कि लाई के लड्डू 100 रुपये प्रतिकिलो, रामदाना पट्टी 100 रुपये, तिल लड्डू 200 रुपये व तिलकुट 180 रुपये किलो बिक रहा है जबकि मूंगफली गुड़ की पट्टी 90 से 120 रुपये किलो, गजक 180 और पेठा 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। बताया कि बढ़ती ठंड व मकर संक्रांति को लेकर इन सभी वस्तुओं की मांग काफी अधिक है। ग्राहकों को ताजा और अच्छी क्वालिटी के उत्पाद देने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं व बुजुर्गों के साथ युवा भी पारंपरिक तिल और गुड़ से बने व्यंजनों की खरीदारी करते दिख रहे हैं। दुकानदारों के अनुसार सर्दी के मौसम में गुड़ से बनी सामग्री की अधिक बिक्री होती है। इस बार मौसम अनुकूल होने व त्योहार के प्रति उत्साह अधिक रहने से बिक्री में अच्छी बढ़ोत्तरी की उम्मीद है।
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