न्यायालय के आदेश के बाद भी सरकारी अस्पताल गेट के पास जमीन पर निर्माण करा रहे अतिक्रमणकर्ता का कब्जा हटाने में नगर पंचायत प्रशासन ने हाथ खड़े कर दिए है। बल्कि उपजिलाधिकारी चरखारी को पत्र लिखकर मजिस्ट्रेट और पुलिस की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाए जाने के लिए पत्र लिखा है।
कस्बा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गेट के पास की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने में प्रशासन पांच वर्षों से नाकाम है। पुलिस की मौजूदगी में दो वर्ष पहले कब्जा हटाने के दौरान अतिक्रमणकर्ता ने हमला बोल दिया था। इसका मामला चरखारी कोर्ट में चल रहा है। एक सप्ताह से अतिक्रमणकर्त्ता ने कब्जे का और विस्तार से निर्माण शुरू करा दिया।
न्यायालय में चल रहे प्रकरण की अवहेलना कर कराए जा रहे अवैध निर्माण को रोकने की नगर पंचायत प्रशासन ने हिम्मत नहीं दिखाई। उपजिलाधिकारी चरखारी को पत्र लिखकर नगर पंचायत ने कब्जा हटाने के लिए सक्षम मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाए जाने की गुजारिश की। मामले पर चरखारी उपजिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कहा कि अतिक्रमण किसी भी तरह का बर्दाश्त नहीं होगा।
तहसील चरखारी क्ष्ेात्र में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के अब तक 45 मामले चिंहित कर एंटी भू माफिया टास्क फोर्स में दर्ज हुए है। उपजिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है। गठित टास्क फोर्स में दर्ज हुए मामलों की संबंधित महकमों के माध्यम से जांच चल रही है। जल्द ही अतिक्रमण हटवाए जाएंगे।