महोबा। जिले में लेखपालों द्वारा हड़ताल खत्म न करने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जिले के एक दर्जन लेखपाल संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लेखपाल काम पर नहीं लौटे तो उनके विरुद्ध अब बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके डर से कुलपहाड़ में करीब नौ लेखपाल काम पर लौट आए हैं।
आठ सूत्री मांगों को लेकर 10 दिसंबर से कामकाज ठप करके लेखपाल हड़ताल पर डटे हैं। अधिकारियों के समझाने बुझाने के बाद भी लेखपाल काम पर नहीं लौटे। लेखपालों की हड़ताल के चलते प्रभावित हो रहे काम को देखते हुए अफसरों ने तीनों तहसीलों के 12 लेखपाल संघ के पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से लेखपालों में हड़कंप मच गया।
एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष प्रभुदत्त त्रिपाठी, जिलामंत्री शिवभान, तहसील अध्यक्ष अजय तिवारी व तहसील मंत्री महेंद्र गुप्ता को निलंबित कर दिया। इसी तरह एसडीएम चरखारी राजेश कुमार यादव ने चरखारी तहसील अध्यक्ष बलवीर सिंह, सचिव लोकेंद्र, उपमंत्री मयंक, उपाध्यक्ष उमेश सोनकर, कनिष्ठ उपाध्यक्ष रामकुुमार व कोषाध्यक्ष आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस ने तहसील अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी और मंत्री बहादुर को निलंबित कर दिया।
कार्रवाई के डर से नौ लेखपाल काम पर लौटे
कुलपहाड़। लेखपालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के चलते तहसील कुलपहाड़ के नौ लेखपाल काम पर लौट आए हैं। यह जानकारी एसडीएम कुलपहाड़ ने दी। उन्होंने बताया कि लेखपालों को मौका दिया गया है। इसके बाद अन्य लेखपालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उधर लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने बताया कि आठ लेखपाल मेडिकल पर होने के कारण हड़ताल में नहीं शामिल हो रहे हैं, जबकि वीरेंद्र सक्सेना नाम के लेखपाल ने संघ के इस्तीफा दे दिया है।