अपर जिला सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) गजेंद्र कुमार ने बलात्कार के मामले में आरोपी को सात साल की सजा सुनाई, साथ ही दो हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
नौ अप्रैल 2013 को थाना महोबकंठ के गांव दिदवारा में दिन में एक बजे एक महिला घर पर अकेली थी, सास ससुर खेत पर काम करने गए थे। महिला का पति मुंबई में रहकर मजदूरी करता था, मौका पाकर गांव का ही सुदामा पटेल पुत्र घनश्याम पटेल महिला के घर में घुस गया और महिला के साथ जबरन दुष्कर्म किया। आरोपी ने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। पीड़िता ने फोन कर ससुर को बुलाकर घटना के बताया, पीड़ित ने थाना महोबकंठ में सुदामा पटेल के खिलाफ बलात्कार और सोने के जेवरात ले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के गवाह और पक्षों की बहस सुनने के बाद सुदामा पटेल को बलात्कार का आरोपी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनाई साथ ही दो हजार का जुर्माना ठोंका। घर में घुसकर घटना को अंजाम देने के मामले में तीन साल की सजा एक हजार रुपये का जुर्माना ठोंका। जुर्माना अदा न करने पर छह माह और तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष से शासकीय अधिवक्ता प्रमोद पालीवाल ने की। अदालत ने आरोपी को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया।