फोटो 06 एमएएचपी 11 परिचय-गिरफ्तार आरोपी कमलेश। स्रोत: पुलिस
महोबा। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में करोड़ों के घोटाले के एक और आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कूटरचित दस्तावेज लगाकर वन भूमि का फर्जी फसल बीमा कराने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया। मामले में अब तक बीमा कंपनी के प्रबंधक समेत 34 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
खरीफ सीजन 2024 में फसल बीमा के नाम पर करीब 40 करोड़ का घोटाला हुआ। घोटालेबाजों ने किसानों की जमीन का तो फर्जी तरीके से फसल का बीमा अपने नाम कराया ही, साथ ही नदी, नाले, तालाब, पहाड़, बंजर भूमि, चकमार्ग, वन आदि की जमीनों में फसल की बोआई दिखाकर बीमा कराया। इसके बाद बीमा कंपनी के कर्मचारियों की मिलीभगत से लाखों रुपये का फर्जी भुगतान भी ले लिया। इस मामले में उप कृषि निदेशक रामसजीवन ने अगस्त माह में बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी समेत कई अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके अलावा जिले के पनवाड़ी, चरखारी, अजनर और कुलपहाड़ कोतवाली में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कराई गईं। जिसमें 33 आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
जैतपुर वन रेंज के बीट प्रभारी मलखान सिंह 12 सितंबर को कोतवाली कुलपहाड़ में वन भूमि की गाटा संख्या 157, 158, 160 घ व 174 य पर देवकरन, अनिल और कमलेश निवासी जैतपुर पर वन भूमि को फर्जी तरीके से अपनी भूमि बताकर फसल बीमा का लाभ लेने का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। कोतवाली प्रभारी कुलपहाड़ विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने मंगलवार को कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग कर फसल बीमा कराने के आरोपी कमलेश को टिकरिया गांव के पास गिरफ्तार किया। कोतवाल ने बताया कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के भी प्रयास किए जा रहे हैं।