महोबा। जिला महिला अस्पताल में जीपीएफ खातों से 85 लाख रुपये के गबन के मामले में रिकवरी की कार्रवाई शुरू हो गई है। विभागीय अधिकारियों ने लिपिक और चालक के बैंक खाते सीज कर दिए हैं। इस कार्रवाई से संलिप्त कर्मचारियों में खलबली मची है।
जिला महिला अस्पताल में तैनात लिपिक ने अपने जीपीएफ खाते व एक-दो अन्य कर्मियों के खातों में कम रकम होने के बाद भी कूटरचित दस्तावेज लगाकर अलग-अलग किस्तों में 85 लाख रुपये निकाल लिए थे। सरकारी धन के गबन का यह मामला ऑडिट में पकड़ा गया। 17 अगस्त को मामला उजागर होने के बाद से लिपिक अभिलेख लेकर फरार हो गया था। दो नोटिस जारी होने के बाद तीन दिन बाद वह जांच जांच टीम के समक्ष पेश होकर अभिलेख सौंपे थे। विभाग के चालक अंबिका के जीपीएफ खाते से करीब नौ लाख रुपये निकलने की बात सामने आई थी।
चालक ने बताया था कि उसने लिपिक से बच्चे के स्कूल में प्रवेश के लिए जीपीएफ की धनराशि निकालने की चर्चा की थी। इसके लिए किसी प्रकार का आवेदन नहीं दिया। इसके बाद भी रुपये निकल गए। सीएमएस डॉ. रमाकांत चौरिहा ने बताया कि जीपीएफ में गड़बड़झाला सामने आने के बाद लिपिक संतोष कुमार व चालक अंबिका के खाते सीज कराए गए हैं। रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है।