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Mahoba News: छह मौतों के 76 दिन बाद भी जवाबदेही गोल

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हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह श्रमिकों की मौत के 76 दिन बाद भी अंतिम जवाबदेही तय नहीं हो सकी है। तकनीकी जांच में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में बड़ी खामी नहीं मिली है। सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक मिथिलेश कुमार के अनुसार हादसे की बड़ी वजह तेज आंधी-तूफान के दौरान निर्माण कार्य जारी रहना सामने आई है। खराब मौसम में काम रोककर श्रमिकों को सुरक्षित हटाया जाना चाहिए था।
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28/29 मई की रात मोराकांदर-परसनी मार्ग पर बेतवा नदी में निर्माणाधीन पुल का पियर-5 और उससे जुड़ा सेगमेंट तेज आंधी में गिर गया था। हादसे में छह श्रमिकों की मौत हुई थी जबकि तीन मजदूर पुल के ऊपरी हिस्से में फंस गए थे। हादसे के बाद जिला और शासन स्तर पर जांच शुरू हुई। कुरारा थाने में द शेल्टर कंपनी के निदेशक विजय प्रताप सिंह और सुपरवाइजर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
जिला जांच समिति भंग, रिपोर्ट का निष्कर्ष सामने नहीं
जिलाधिकारी अभिषेक कुमार ने जिला स्तरीय जांच समिति गठित की थी। इसमें एडीएम (नमामि गंगे) सुरेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सुनील कांत और मुख्य परियोजना प्रबंधक वीके सेन शामिल थे। समिति ने जांच कर रिपोर्ट तैयार की थी। शासन स्तर पर तकनीकी जांच शुरू होने के बाद जिला समिति को भंग कर दिया गया। उसकी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकला, यह भी अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ।
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