महोबा/खरेला। पक्की सड़कों की मरम्मत व निर्माण कार्य में करोड़ों रुपये का बजट खपाने वाला पीडब्ल्यूडी सड़क किनारे लगे पेड़ों व झाड़ियों की सफाई कराना भूल गया।
वर्षों से सड़क किनारे पेड़ों की लटकती कटीली झाड़ियां वाहन चालकों के लिए खतरा बन रही हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं की आशंका बनी है। कोहरे के कारण वाहन चालकों को दिक्कत हो रही है।
जिले में सड़क किनारे लगे पेड़ों की डाल की छंटाई का काम कागजों पर करके खानापूर्ति की जा रही है। सड़कों के मोड़ पर लटकती डालों और झाड़ियों के चलते कुछ दिखाई न देने से वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं हो रही हैं।
एक सप्ताह पहले पहरेथा मोड़ पर कार टकराने का मुख्य कारण झाड़ियां होना बताया गया। पहरेथा निवासी मोती द्विवेदी, शिवेंद्र सिंह, देवीदीन आदि ने बताया कि खरेला-ऐचाना मार्ग पर झाड़ियों की सफाई कई सालों से नहीं हुई।
बड़े-बड़े पेड़ की डाल व झाड़ियों से सड़क तक नहीं दिखाई देती। दो जगह खतरनाक मोड़ पर आए दिन दुर्घटनाएं हो जाती हैं। पिछले वर्ष सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। कीरतपुरा के पूर्व प्रधान चतुर सिंह पटेल ने बताया रिवई-कबरई मार्ग, पंचमपुरा नटर्रा, बैहारी-सिजौरा और चरखारी-बमरारा मार्ग की सड़कें झाड़ियों से ढकी हैं।
ऑटो रिक्शा में सफर के दौरान लटकतीं झाड़ियां सवारियों का जख्मी कर देतीं हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता विकास कुमार जौहरी का कहना है कि सड़कों की झाड़ियों की सफाई समय-समय पर कार्यदायी संस्था कराती हैं। पटरी पर उगे बड़े पेड़ों की डाल छंटाई-कटाई का जिम्मा वन विभाग का है।