कुलपहाड़ (महोबा)। चर्च ऑफ क्राइस्ट कुलपहाड़ मिशन में आर्थिक धोखाधड़ी और श्रमिकों को काम से बाहर निकालने के मामले की जांच के लिए शुक्रवार को एडीएम सुखबीर सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम ने दोनों पक्षों के बयान लिए। हालांकि जांच से एक पक्ष संतुष्ट नहीं दिखा।
चर्च ऑफ क्राइस्ट संस्था कुलपहाड़ में जैतपुर रोड पर सीबीएसई स्कूल व अनाथ बच्चों के हॉस्टल का संचालन कई दशकों से कर रहीं है। कुछ महीनों से यह संस्था विवादों के कारण सुर्खियों में है। बिना कारण बताए जनरल मैनेजर एनके वर्धन और 30 से अधिक श्रमिकों को काम से निकालने व भविष्य निधि खाते में हुए घोटाले को लेकर विवाद चल रहा है।
इस मामले की शिकायत श्रमिकों ने डीएम गजल भारद्वाज से की थी। डीएम ने एडीएम न्यायिक सुखबीर सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम गठित की। जांच के दौरान चेयरमैन अमरजीत सिंह ने श्रमिकों को दोबारा काम पर रखना स्वीकार किया लेकिन श्रमिकों ने जनरल मैनेजर को वापस काम पर बुलाने और लिखित कॉन्ट्रेक्ट में मजदूरी पर रखने की मांग की।
विजय जॉन व अन्य 34 पूर्व कर्मचारियों ने शिकायत करते हुए कहा कि उनका ग्रेच्युटी व भविष्य निधि का रुपया नहीं दिया जा रहा है। साथ ही वर्ष 2014 से पूर्व भविष्य निधि के पैसे का कोई हिसाब नहीं बताया जा रहा है। जांच के दौरान एडीएम के साथ ही श्रम प्रवर्तन अधिकारी महेंद्र कुमार, एसडीएम कुलपहाड़ प्रदीप कुमार व तहसीलदार प्रमित सचान उपस्थित रहे।