-प्रतिदिन वसूला जा रहा 11 से 12 लाख टोल टैक्स, फिर भी कानपुर-सागर हाईवे जर्जर
फोटो 31 एमएएचपी 16 परिचय-कानपुर-सागर हाईवे पर चिचारा गांव के पास सड़क पर इस तरह हैं बड़े-बड़े गड्ढे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
खन्ना (महोबा)। कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कस्बा खन्ना से चिचारा गांव तक पांच किमी के दायरे में 70 गड्ढे वाहन चालकों की परेशानी बने हैं। ओवरलोड भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जर्जर होती जा रही है। पिछले 17 माह में सड़क हादसों में सात लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में हाईवे पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है।
कस्बा खन्ना से गुजरा कानपुर-सागर हाईवे (एनएच-34) बदहाली का दंश झेल रहा है। कस्बा खन्ना से पांच किमी दूर चिचारा गांव तक सड़क पर 70 गड्ढे हैं। इन गड्ढों की चपेट में आकर वाहन चालक हादसों का शिकार हो रहे हैं। कस्बा खन्ना स्थित टोल प्लाजा से प्रतिदिन करीब 3,500 से चार हजार वाहनों का आवागमन होता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से आरके चौहान कंट्रक्शन को टोल टैक्स वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टोल प्लाजा से निकलने वाले वाहनों से प्रतिदिन 11 से 12 लाख रुपये टोल टैक्स वसूला जाता है। बावजूद इसके कानपुर-सागर हाईवे में चिचारा से खन्ना तक जगह-जगह गड्ढे सड़क की दुर्दशा बयां कर रहे हैं। गड्ढामुक्त कराने के अभियान के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जा रही है। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। ओवरलोड ट्रकों के निकलने से सड़क जर्जर होती जा रही है। इससे राहगीरों को दिक्कत हो रही है।
हादसे में इनकी हो चुकी हैं मौतें
-29 अप्रैल 2025 को कस्बा खन्ना निवासी राकेश व राज की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी।
-27 सितंबर को बन्नी गांव निवासी कल्लू की वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी।
-26 दिसंबर को बाइक सवार मौदहा निवासी राजेंद्र को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। इससे उनकी मौत हो गई थी।
-26 दिसंबर 2025 को मौदहा निवासी राजेंद्र और प्रदीप की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी।
-14 जनवरी 2026 को तमिलनाडु निवासी कुप्पू सामी की आमने-सामने ट्रकों की भिड़ंत में मौत हो गई थी।
-07 अगस्त 2026 को बाइक सवार गुरदहा निवासी आशीष गड्ढों से बचने के चक्कर में अन्ना मवेशियों से टकरा गया था। इससे उसकी मौत हो गई थी।
रास्ता पूरी तरह हो चुका है जर्जर
फोटो 31 एमएएचपी 17 परिचय-उदय सिंह। संवाद
कस्बा खन्ना निवासी उदय सिंह का कहना है कि एक तरफ का रास्ता पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इससे वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कबरई की ओर से जाने वाले भारी वाहन गलत दिशा में आते हैं, इससे हादसे होते हैं।
वाहन सवार हो रहे हादसे का शिकार
फोटो 31 एमएएचपी 18 परिचय-हुसैनी खान। संवाद
सब्जी व्यापारी हुसैनी खान कहते हैं कि उनका महोबा, कबरई व मौदहा आना-जाना रहता है। मार्ग में एक साइड ज्यादा गड्ढे हैं। गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से गहराई का पाता नहीं लगता। इससे वाहन सवार हादसे का शिकार बन रहे हैं।
पत्थरमंडी में प्रतिदिन होती है गिट्टी लदे तीन हजार ट्रकों की आवाजाही
कबरई। कानपुर-सागर हाईवे पर कस्बा कबरई से कानपुर की ओर सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए जान खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इसी हाईवे पर कस्बे के बाईपास मोड़ से बरबई गांव के बीच करीब पांच किमी में पिछले एक वर्ष में 20 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बावजूद इसके सड़क की बदहाली दूर नहीं हो रही है। पत्थरमंडी में प्रतिदिन गिट्टी लदे तीन हजार ट्रकों की आवाजाही होती है। इसके अलावा अन्य भारी व हल्के वाहन भी गुजरते हैं। इन वाहनों से टोल टैक्स वसूला जाता है। वाहन चालक मुकेश कुशवाहा, पूरन चौहान, उपेंद्र तिवारी, राकेश कुशवाहा, बल्लू रैकवार आदि ने बताया कि सड़क पर बड़े गड्ढे होने से वाहन चलाना मुश्किल हो रहा है। बारिश में पानी भरने से गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन उसमें गिरकर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। वाहन चालकों का कहना है कि हाईवे पर भारी टोल टैक्स वसूला जा रहा है, इसके बावजूद सड़क पर सुरक्षित आवागमन की बुनियादी सुविधा नहीं मिल रही है।
वर्जन
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जय बिल्डर्स को सड़क मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी है। जानकारी देकर सड़क की जल्द मरम्मत कराई जाएगी। -आलोक पांडेय, टोल प्लाजा प्रबंधक, खन्ना।
फोटो 31 एमएएचपी 16 परिचय-कानपुर-सागर हाईवे पर चिचारा गांव के पास सड़क पर इस तरह हैं बड़े-बड़े ग
फोटो 31 एमएएचपी 16 परिचय-कानपुर-सागर हाईवे पर चिचारा गांव के पास सड़क पर इस तरह हैं बड़े-बड़े ग