महोबा/चरखारी। कैंसर पीड़ित युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। 11 दिन पहले उसके बेटे और पत्नी की मौत हुई थी। शुक्रवार को इनकी कब्रों के बीच युवक का शव मिला। उसके पैर में किसी कीड़े के काटे जाने का निशान मिलने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें मौत की वजह साफ नहीं हो सकी।
मूलरूप से छतरपुर जिले के हरपालपुर निवासी सुभान अहमद (40) कैंसर पीड़ित थे। वह हरपालपुर में अपनी पत्नी रजिया खातून, बेटे हसनैन, सैफ, बेटी रोशनी व आलिया के साथ रहते थे। 25 मई को हसनैन (06) की उल्टी-दस्त से मौत हो गई। सदमे में मां रजिया भी चल बसी। दोनों का अंतिम संस्कार कस्बा चरखारी में ईदगाह के पास स्थित कब्रिस्तान में किया गया था। तब से तीन बच्चे व सुभान अहमद अपनी ससुराल चरखारी में रह रहे थे। सुभान रोजाना सुबह पत्नी व बेटे की कब्र पर जाते थे। शुक्रवार सुबह भी वह फातिहा पढ़ने की बात कहकर घर से निकले और वापस नहीं लौटे।
परिजन खोजबीन करते कब्रिस्तान पहुंचे तो सुभान का शव पत्नी रजिया खातून व बेटे हसनैन की कब्र के बीच पड़ा मिला। उनका एक हाथ बेटे तो दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर था। परिजन उन्हें सीएचसी ले गए जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के साले सलीम ने बताया कि बहनोई के पैर में कीड़ा काटने का निशान था। ऐसे में पुलिस को सूचना देकर पोस्टमार्टम कराया गया। सलीम ने बताया कि बहनोई का अंतिम संस्कार बहन की कब्र के पास ही किया गया है।
परिजनों ने बताया कि जब तक रजिया जीवित थी, सुभान अहमद को अपने पैरों पर खड़े होने और चलने के लिए पत्नी के सहारे की जरूरत पड़ती थी लेकिन 11 दिन पहले जब पत्नी व बेटे की मौत हुई तो सुभान बिना किसी मदद के खड़े होने लगे और अकेले ही चलकर उनकी कब्र पर पहुंच रहे थे। सुभान की मौत से अब उनके तीन बच्चों बेटे सैफ, बेटी रोशनी व आलिया की जिम्मेदारी उनके ससुरालीजनों यानी ननिहाल पक्ष पर आ गई है।