खरेला (महोबा)। पाइप लाइनाें का सुधार न होने से पेयजल आपूर्ति आए दिन ठप हो रही है। कई जगह टूटी पाइप लाइन से पानी बर्बाद हो रहा है। वहीं बाशिंदे एक बूंद पानी के लिए परेशान हैं। चरखारी और रिवई के बीच एक सप्ताह से आए दिन पानी की आपूर्ति प्रभावित चल रही है। दो दिनाें से पानी की सप्लाई नहीं हुई। जनता पेयजल समस्या के लिए परेशान है। जल संस्थान के अधिकारी गर्मी के मौसम में पेयजल किल्लत से जूझ रहे ग्रामीणाें की समस्या से अनजान बने हैं।
नगर खरेला की पेयजल समस्या का समुचित समाधान नहीं हो पा रहा है। दो वर्ग किलोमीटर में बसी आबादी के बीच खारे पानी से गुजारा करने वाले ग्रामीणाें को मीठा पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दस वर्ष पहले 7.50 करोड़ रुपए की लागत से खरेला सामूहिक पेयजल योजना तैयार की गई। गांव में पानी की टंकियाें के साथ अधिकतर वार्डों में पाइप लाइन डाली गई। चरखारी के अस्तौन पंप हाउस में फिल्टर होकर पानी की आपूर्ति शुरू कराई गई लेकिन ग्रामीणाें को नियमित पानी उपलब्ध करा पाने में यह महत्वपूर्ण योजना भी नाकाम साबित हो रही है। गर्मी के मौसम में सर्वाधिक पेयजल किल्लत होने के कारण ग्रामीणाें में काफी आक्रोश है। चरखारी और रिवई के बीच गई जगह पाइप लाइन टूटी पड़ी हैं जिससे पानी बर्बाद हो रहा है लेकिन जल संस्थान टूटी पाइप लाइन को दुरुस्त कराने के बजाए खामोश है। कभी कभार पानी की आपूर्ति 10-15 मिनट कर दी जाती है। अनुपम सिंह, जीतेंद्र तिवारी, करन सिंह, रामजी आदि समाजसेवियाें ने बताया कि पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से खारा पानी पीने को मजबूर हैं। अधिकतर हैंडपंप भी खराब होने से काफी दूर से पानी लाना पड़ रहा है। मामले पर जल संस्थान के जेई यूनुस खान का कहना है कि बिजली की आपूर्ति कम मिलने के कारण पानी
सप्लाई बाधित हो जाती है। टूटी पाइप लाइन की मरम्मत कराई जा रही है।