महोबा। कोतवाली के ग्राम रैपुरा कला में आर्थिक तंगी से परेशान एक किसान ने दरवाजे पर लगे नीम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। किसान के पास महज दो बीघा जमीन थी और दो लाख रुपये का कर्ज था।
ग्राम रैपुरा निवासी मातादीन (55) ने खाद बीज के लिए 45 हजार रुपये यूपी इलाहाबाद ग्रामीण बैंक सिजहरी से लिया था और डेढ़ लाख रुपये बेटी की शादी के लिए कर्ज लिया था। बारिश न होने से खरीफ की फसल बर्बाद हो गई। इधर बारिश न होने से रबी फसल की बुवाई तक नहीं हो सकी। किसान का बेटा बच्चों सहित पंजाब कमाने चला गया। मातादीन को कर्ज की अदायगी की चिंता सताने लगी।
गुरुवार को मातादीन ने दरवाजे पर लगे नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक के भतीजे नंदू का कहना है कि साहूकारों द्वारा कर्ज की अदायगी के लिए दबाव बनाया जा रहा है। किसान की मौत की खबर मिलते ही उप जिलाधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ग्राम रैपुरा पहुंचे और जांच पड़ताल की। एसडीएम का कहना है कि मृतक मातादीन की पत्नी की मौत पहले हो चुकी है। उसका बेटा और बच्चे पंजाब कमाने चले गए हैं, जिससे वृद्ध अकेला हो गया और उसने अकेले होने के गम में फांसी लगा ली।