महोबा। गेहूं की खरीद के लिए खोले गए केंद्रों पर किसानाें के न पहुंचने से सन्नाटा पसरा पड़ा है। हालत यह है कि शहर के नई गल्ला मंडी स्थित केंद्र पर एक माह से अधिक समय गुजरने के बाद महज 55 क्विंटल ही गेहूं की खरीद हो सकी है। इससे लक्ष्य पूरा हो पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
जिले में गेहूं की खरीद के लिए 24 केंद्र 1 अप्रैल से खोले गए हैं। यहां शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 1,400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानाें से गेहूं की खरीद की जानी है। इतना ही नहीं सभी खरीद केंद्राें पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, बोरे, तिरपाल, लेबर सहित पर्याप्त संसाधन मुहैया कराने के साथ ही अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। शहर के नई गल्ला मंडी में खोले गए राजकीय गेहूं खरीद केंद्र महोबा विपणन शाखा में एक माह से अधिक का समय गुजरने के बाद भी महज 55 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है, जबकि यहां सात हजार क्विंटल खरीद का लक्ष्य है। किसानाें के न पहुंचने से सभी केंद्राें पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी खेमचंद्र ने बताया कि 30 जून तक गेहूं की खरीद की जानी है। 1,400 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीद की जा रही है, लेकिन खुले बाजार में भी 1,400 रुपये की दर से गेहूं खरीद होने से किसान बैंक के झंझट से बचने के लिए यहां नहीं आ रहे हैं। खरीद केंद्राें पर शासन द्वारा किसानाें से ढुलाई का खर्च 20 रुपये प्रति बोरा के हिसाब से लिया जा रहा है, जबकि खुले बाजार में दस रुपये प्रति बोरा के हिसाब से ढुलाई ली जा रही है। इससे किसान, खरीद केंद्राें के बजाए खुले बाजार में गेहूं बेच रहे हैं।
अभी नहीं मिला नमी मापक यंत्र
महोबा। जिले में जगह-जगह केंद्र खोलकर निर्धारित समर्थन मूल्य के हिसाब से गेहूं खरीदा जा रहा है। शहर के नई गल्ला मंडी स्थित राजकीय गेहूं खरीद केंद्र महोबा विपणन शाखा के खरीद केंद्र पर पता चला कि वहां नमी मापक यंत्र अब तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। खरीद केंद्र के प्रभारी खेमचंद्र ने बताया कि कई बार मांग करने के बावजूद आज तक नमी मापक यंत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है।