चरखारी (महोबा)। बंधुवा श्रम प्रथा उन्मूलन अधिनियम की प्रगति के लिए बैठक आयोजित कर उप जिलाधिकारी ने अभियान चलाने के निर्देश दिए। बंधुवा मजदूराें की श्रेणी में आने वाले बाल श्रमिकों और अन्य बंधुवा मजदूराें को चिह्नित करने की आवश्यकता बताते हुए उन्हाेंने संबंधित विभागाें के नोडल कर्मचारियाें और समिति कार्यकर्ताआें को निर्देश दिए।
चरखारी के तहसील सभागार में सोमवार को बंधुवा श्रम प्रथा उन्मूलन अधिनियम के अंतर्गत गठित तहसील स्तरीय सतर्कता समिति के नामित सदस्याें की आवश्यक बैठक हुई। उप जिलाधिकारी चरखारी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अगर दुकानाें, होटलाें और खतरनाक कारोबार में काम करते पाए जाएं तो उन्हें चिह्नित करके सूचित किया जाए। उन्हाेंने कहा कि पहाड़ाें, क्रेशराें, खनन जैसे क्षेत्राें में खासतौर से चौकस निगाह रखी जाए। श्रम विभाग के अंतर्गत बंधुवा मजदूर उन्मूलन के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता की जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्र में बंधुवा मजदूराें की संख्या कम है लेकिन यहां के परिवेश में सामंती व्यवस्था के बीच मजदूराें की जानकारी कम ही मिलती है। श्रम प्रवर्तन अधिकारी महोबा आर के वर्मा ने बंधुवा मजदूराें के उत्थान के लिए चलाई जा रहीं योजनाआें की जानकारी दी। इस मौके पर सदस्यता समितियाें के सदस्य, बाल विकास परियोजना अधिकारी ऊषा दीक्षित, खेमचंद्र, रानी अनुरागी, अब्दुल गफ्फार, रमन गोस्वामी सहित तमाम कर्मचारी मौजूद रहे।