महोबा। जिले में दो माह के अंदर चार बार पानी लूटने की घटनाएं हो चुकी हैं। किसानाें ने कभी रबी की फसल को सूखने से बचाने तो कभी पिपरमेंट की फसल को हराभरा करने के लिए नहर और पाइप लाइन तोड़कर पानी लूट लिया। इससे सिंचाई विभाग और जल निगम के अफसर खासा परेशान हैं।
जिले में सिंचाई के लिए हर तरफ पानी को लेकर लूट मची है। किसानाें ने फसल को सूखता देख 18 नवंबर को उर्मिल बांध से जुड़ी शहर की मुख्य पाइप लाइन को ग्राम मामना के पास तोड़कर पानी लूट लिया था। दो दिन तक पानी की आपूर्ति ठप हो जाने से लोग खासा परेशान रहे। साथ ही महकमे को दो दिन तक लाइन सही कराने में खासी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बाद 25 नवंबर को तेइया बांध से जुड़ी दिदवारा माइनर में बोरी और आड़िया डालकर सकौरा के कृषकाें ने खुलेआम पानी लूटकर खेताें की सिंचाई कर ली थी।
29 नवंबर 2012 को मध्य प्रदेश के किसानाें ने उर्मिल बांध की मुख्य नहर को भंडरा के पास तोड़कर पानी का रुख मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले नाले में मोड़कर खेताें में सिंचाई कर ली थी। इससे भंडरा, गोपालपुरा और नौरा मौजा के सैकड़ाें किसान अपने खेतों में सिंचाई नहीं कर सके थे। सिंचाई विभाग के अधिकारियाें ने शिकायत मिलने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मध्य प्रदेश के नाले में ले जाया जा रहा पानी बंद कराकर कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की थी। 28 जनवरी को इमिलिया और कैमाहा के किसानाें ने उर्मिल बांध से महोबा के लिए आई मुख्य पाइप लाइन को तोड़कर पानी लूटकर खेतों में सिंचाई की।