महोबा। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन में बड़ा खुलासा हुआ है। जिले में 991 पेंशन धारक मृत और 15 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। विभाग की ओर से मृतक व अपात्र लाभार्थियों की वृद्धावस्था पेंशन पर रोक लगा दी गई है।
समाज कल्याण विभाग में वित्तीय वर्ष 2024-25 में वृद्धावस्था पेंशन योजना के 43,231 लाभार्थी पंजीकृत थे। विभाग की ओर से प्रत्येक पेंशनधारकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पेंशन की धनराशि मुहैया कराई जाती है। विभाग की ओर से पिछले दिनों टीमें लगाकर जिले भर में वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ ले रहे पेंशनधारकों का सत्यापन कराया गया। इसके लिए शहरी क्षेत्र में राजस्व विभाग के लेखपाल और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिवों को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई। अब सत्यापन की रिपोर्ट आ गई है।
सत्यापन के दौरान 991 लाभार्थी ऐसे मिले जिनकी मृत्यु हो चुकी है और उनके खातों में पेंशन जा रही थी जबकि 15 लाभार्थी अपात्र मिले हैं। विभाग की ओर से मृतक व अपात्र लाभार्थियों की पेंशन पर तत्काल रोक लगा दी गई है। अब समाज कल्याण विभाग की ओर से पेंशन के संबंध में बैंकों से डिटेल मांगी जाएगी और खातों से पेंशन की रकम वापस कराई जाएगी। उधर, जिला समाज कल्याण अधिकारी शशिकांत सिंह का कहना है कि प्रतिवर्ष वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन कराया जाता है। सत्यापन में मृतक व अपात्र मिले लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगा दी गई है। शीघ्र ही बैंकों को पत्र लिख उनके खातों से पेंशन की रकम वापस कराई जाएगी।
परिजन नहीं देते सूचना
महोबा। हर साल समाज कल्याण विभाग की ओर से अप्रैल व मई माह में पंजीकृत पेंशनधारकों का सत्यापन कराया जाता है। आमतौर पर परिजनों की ओर से पेंशन लाभार्थियों की मृत्यु की सूचना विभाग को नहीं दी जाती। ऐसे में विभाग खातों में पेंशन भेजता रहता है। साल में एक बार ही लाभार्थियों का सत्यापन हो पाता है। सत्यापन के बाद मृतक लाभार्थियों की पेंशन पर रोक लगती है।