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Mahoba News: 88 टोकनधारी किसानों को नहीं मिली खाद, मायूस लौटे

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फोटो 09 एमएएचपी 07 परिचय-खमा गांव स्थित बी-पैक्स समिति में टोकन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते
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-खमा बी-पैक्स में 393 बोरी खाद के लिए बांटे गए 198 टोकन, महज 110 किसानों को ही मिल सकी खाद
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-दो दिन से समिति के चक्कर लगा रहे किसान, समय पर खाद न मिलने से रबी की बोआई प्रभावित होने की चिंता
फोटो 09 एमएएचपी 07 परिचय-खमा गांव स्थित बी-पैक्स समिति में टोकन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते किसान। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अजनर (महोबा)। रबी की फसलों की बोआई की तैयारी में जुटे किसानों को खाद के लिए समितियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बहुउद्देशीय ग्रामीण सहकारी समिति (बी-पैक्स) खमा में खाद वितरण के दौरान भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। समिति में 393 बोरी खाद उपलब्ध होने के बावजूद 198 टोकनधारी किसानों में से करीब 110 को ही खाद मिल सकी। शेष 88 किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा। खाद न मिलने से परेशान किसान जल्द आपूर्ति कराने की मांग कर रहे हैं।

खमा निवासी बुजुर्ग किसान मन्नूलाल ने बताया कि वह दो दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक खाद नहीं मिल सकी है। वहीं, नरवारा निवासी किसान पुन्ना ने बताया कि उन्हें टोकन तो मिल गया लेकिन खाद नहीं मिली। वह एक सप्ताह से खाद के लिए भटक रहे हैं। किसानों का कहना है कि रबी की बोआई का समय नजदीक है। ऐसे में समय पर खाद नहीं मिली तो फसलों की बुवाई प्रभावित हो सकती है। किसानों ने मांग की है कि समिति में जल्द पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए। ताकि, उन्हें टोकन मिलने के बाद भी खाली हाथ न लौटना पड़े और बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिल सके। उधर, समिति के सचिव उमेश अग्निहोत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री कराने वाले व समिति में पंजीकृत किसानों को 198 टोकन वितरित किए गए हैं। वर्तमान में समिति के पास 393 बोरी खाद उपलब्ध है। इससे करीब 110 किसानों को खाद दी गई। शेष किसानों को टोकन के आधार पर अगली रैक आने पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
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खाद न होने से बंद पड़ी सहकारी समिति अजनर
फोटो 09 एमएएचपी 08 परिचय-खाद न होने से बंद कस्बा अजनर की साधन सहकारी समिति। संवाद
अजनर। कस्बा अजनर स्थित साधन सहकारी समिति में खाद नहीं है। ऐसे में तीन दिन से खाद न होने से समिति बंद पड़ी है। आसपास के चार से पांच गांवों के किसान खाद की आस में प्रतिदिन समिति आते हैं लेकिन खाद न होने और समिति बंद देख लौटने को मजबूर हो जाते हैं। किसान परमा, पप्पू, देवीदीन, धरम आदि किसानों का कहना कि रबी फसल की बोआई के लिए खाद की बहुत जरूरत है। खाद के लिए दो-तीन दिन से समिति के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन समिति में खाद ही नहीं है। इससे समिति बंद रहती है। तब उनका रुपये व भागदौड़ सब बर्बाद हो जाती है। समय से खाद मिलने पर ही खेती कर सकेंगे।

फोटो 09 एमएएचपी 07 परिचय-खमा गांव स्थित बी-पैक्स समिति में टोकन के लिए अपनी बारी का इंतजार करते

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