महोबा। जिले की मतदाता सूची से 84 हजार 176 मतदाताओं के नाम हटाए जाने की संभावना है। एसआईआर के दौरान इन मतदाताओं के गणना फार्म बीएलओ तक नहीं पहुंचे हैं। इनमें मृत, शिफ्टेड, डुप्लीकेट और बिना पहचान (अनट्रेसेबल) मतदाता शामिल हैं। इनके नाम मतदाता सूचियों से काटने की तैयारी की जा रही है। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने मंगलवार को राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर डाटा के सत्यापन में सहयोग की अपील की है।
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य (एसआईआर) को लेकर काम अंतिम चरण में हैं। गणना प्रपत्र वितरण के दौरान 30,211 मतदाता संबंधित घरों में नहीं पाए गए। इससे उन्हें ये गणना फार्म ही नहीं दिए जा सके। ये मतदाता बिना पहचान की श्रेणी में हैं। इसी तरह 34 हजार 633 मतदाता अन्य स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं जबकि 4,607 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए। ये मतदाता अन्य किसी स्थान की मतदाता सूची में भी जुड़े हुए हैं। पुनरीक्षण कार्य के दौरान 14 हजार 725 मतदाता मृतक पाए गए। इस तरह से 84 हजार 176 मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाए जाएंगे। सबसे अधिक परेशानी बिना पहचान के मतदाताओं को लेकर है। उनके बारे में कोई जानकारी भी संबंधित मकान नंबर में पहुंचने पर नहीं मिल रही है। आशंका है कि रोजगार आदि की तलाश में पलायन करने वाले अधिकांश लोग इस श्रेणी में शामिल हैं। इसलिए अधिकारी बार-बार बीएलओ और सहायता के लिए लगाए गए कर्मचारियों पर ऐसे मतदाताओं को खोजने की अपील कर रहे हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बीएलए की नियुक्ति करके बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अनुपस्थित, शिफ्टेड, मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच करने में मदद की अपील की है।
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54,307 मतदाताओं को मिलेंगे नोटिस
महोबा। राजनीतिक दलों के समक्ष बैठक के दौरान जो डाटा रखा गया, उसमें अनमैप्ड श्रेणी में 54 हजार 307 मतदाताओं के नाम शामिल हैं। चुनाव आयोग ने एसआईआर के दौरान मिले गणना फार्म ऑनलाइन भरने के लिए तीन श्रेणियां बनाई हैं। इनमें प्रथम श्रेणी में उन मतदाताओं के नाम फीड किए गए हैं, जिनके नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में थे। जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल नहीं थे लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल था तो ऐसे मतदाताओं की फीडिंग द्वितीय श्रेणी में की गई है। ऐसे मतदाता जिनके नाम न तो वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल थे और न ही उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में शामिल है, उन्हें तृतीय श्रेणी में फीड किया गया है। इन्हें अनमैप्ड श्रेणी का मतदाता कहा गया है।
पूरे जिले में निकले 54 हजार 307 मतदाताओं को मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद बीएलओ के जरिए नोटिस दिए जाएंगे। इसके बाद चुनाव आयोग द्वारा तय परिवार रजिस्टर की नकल, निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज लेकर मतदाताओं को तहसील कार्यालय में इस प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के समक्ष पेश होना पड़ेगा।
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बीएलओ और बीएलए की बैठक में पढ़ी गई सूचियां
कुलपहाड़/चरखारी। कुलपहाड़ क्षेत्र के सुगिरा गांव में एसआईआर कार्य में लगे बीएलओ ने बीएलए के साथ मिलकर शेष बचे हुए मतदाताओं की जानकारी के लिए बैठक आयोजित की। पोलिंग बूथ स्थल 270 व 271 के लिए बीएलओ कांति और शिल्पी मिश्रा ने बिना पहचान मतदाताओं की सूची पढ़कर उनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। चरखारी संवाद के अनुसार ग्राम पंचायत गुढ़ा के सभी पोलिंग बूथ पर मंगलवार को बीएलए और बीएलओ की बैठक आयोजित की गई। इसमें बीएलओ ने अब तक किए गए कार्य, अनुपस्थित, मृतक, डुप्लीकेट आदि मतदाताओं की सूची पढ़कर सुनाई। इस मौके पर पर्यवेक्षक राजेश मिश्रा, बीएलओ किशुन, राजीव अग्रवाल, स्वप्निल गुप्ता सहित गांव के अनेक लोग मौजूद रहे।