महोबा। आल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे डेरी फार्मिंग एवं वर्मी कंपोस्ट मेकिंग प्रशिक्षण का मंगलवार को समापन हो गया। अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र सौंपे गए। संस्थान के निदेशक अमित कुमार ने कहा कि आज के दौर में डेरी फार्मिंग का व्यवसाय महत्वपूर्ण है। इस व्यवसाय से कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।
कहा कि मौजूदा दौर में डेरी फार्मिंग का व्यवसाय आर्थिक उन्नति का स्रोत है। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी मांग दिनो दिन बढ़ती जा रही है। नाबार्ड के प्रबंधक केके सोनी ने कहा कि इस प्रशिक्षण का लाभ तभी है जब आप डेरी फार्मिंग का व्यवसाय कर अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करें।
इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक दिलीप कुमार गुप्ता ने प्रशिक्षणार्थियों को व्यापक स्तर पर डेरी फार्मिंग करने की सलाह दी और वित्तीय सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। फैकल्टी तन्मय पांडेय ने कृषि एवं डेरी संबंधी जानकारी दी। दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्होंने संकर प्रजाति से गर्भाधान पर जोर दिया। अग्रणी जिला प्रबंधक एसके साहू ने डेरी फार्मिंग के साथ साथ वेजीटेबल फार्मिंग व फ्रूट फार्मिंग करने की सलाह दी।
डेरी फार्मिंग का व्यवसाय कर कमा सकते हैं अधिक मुनाफा