दिन भर चली बैठक, क्रशर बंदी का नहीं हो सका निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
कबरई (महोबा)। रोज-रोज बढ़ रही रॉयल्टी की समस्या से परेशान क्रशर मालिकों ने बैठक कर मंडी बंदी से पहले मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। मंगलवार को 15 सदस्यों का प्रतिनिधि मंडल लखनऊ जाकर सीएम योगी से मुलाकात कर प्रदेश की सबसे बड़ी पत्थर मंडी की रॉयल्टी समस्या से अवगत कराएगा। कोई कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकाल के लिए मंडी बंद की जाएगी। प्रतिमाह करोड़ों के घाटे में चल रही क्रंशर मंडी में अफरा-तफरी का माहौल है।
पांच दशक से चल रही कबरई क्रशर मंडी में पिछले छह माह से आर्थिक मंदी का दौर चल रहा है। रॉयल्टी की दिन प्रतिदिन हो रही कमी से सैकड़ों क्रशर बंद हो गए। रॉयल्टी समस्या को लेकर सोमवार को पूरे जिले की क्रशर मंडी जमाला, पनवाड़ी, कुलपहाड़, गंज, पहरा, कबरई, पचपहरा, जुझार, मकरबई, नई मंडी आदि में तीन सौ से अधिक क्रशर प्लांट मालिक यूनियन के अलीपुरा स्थित कार्यालय में एकत्र हुए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए यूनियन के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने कहा कि बंदी के लिए सभी की एक राय है कि जब तक रॉयल्टी की समस्या दूर नही होती तब तक मंडी बंद कर दी जाए ताकि शासन का राजस्व घटने पर तत्काल निर्णय ले सके।
सर्व सम्मति से तय हुआ कि मंगलवार को 15 सदस्यीय क्रशर प्रतिनिधिमंडल सीएम से मुलाकात कर रॉयल्टी समस्या का ज्ञापन देगा और खनिज एक्ट के अनुसार पूर्व की भांति पहाड़ से माल निकासी पर रॉयल्टी लगाने, क्रशर से रॉयल्टी हटाने, रॉयल्टी पूर्व की भांति प्रति पट्टे 10 हजार से बढ़ाकर 65 हजार घन मीटर करने की मांग रखेगा। इसके बाद भी कोई कार्रवाई शासन नहीं करता तो मंडी के सभी क्रशर प्लांट पूूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। बैठक में महामंत्री वसीम अहमद, उपाध्यक्ष छोटे भैया सहित सैकड़ों की संख्या में क्रशर व्यापारी मौजूद रहे।
उखड़कर एमपी जाने लगे मंदी की मार झेल रहे प्लांट
कबरई। छह माह से निरंतर आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे सैकड़ों क्रशर प्लांट जहां बंद हो गए तो वहीं कबरई मंडी के क्रशर प्लांट प्रदेश की दमनकारी औद्योगिक नीति का शिकार होकर एमपी जाने लगे। क्रेशर मालिक मॉन्टी गुप्ता, मयंक आदि ने बताया कि कब तक शासन की नीति बदलने का इंतजार कर घाटा सहेंगे। हमने अपना प्लांट एमपी में शिफ्ट करना शुरू करा दिया है। वे अब यूपी में कारोबार न करेंगे।