जिले में छिटपुट घटनाओं के बीच गुरुवार को मतदान संपन्न हुआ। चुनाव के प्रति मतदाताओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। सुबह से तीन बजे तक 55 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद बूथों पर भीड़ कम होने पर चुनाव ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। डीएम, एसपी के साथ प्रेक्षकाें ने मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखी।
जिले की महोबा और चरखारी दोनों विधानसभा सीटाें पर 718 पोलिंग बूथ बनाए गए थे। जहां पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गुरुवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर पैरामलेट्री फोर्सें लगाया गया।
विधानसभा चरखारी के गांव मारकपुरा में पुलिया निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार कर दिया। बाद में 12 बजे एसडीएम के आश्वासन के बाद मतदान शुरू हुआ। महोबा विधानसभा के गांव डिगरिया के बूथ संख्या 63 और गांव भंडरा के बूथ संख्या 70 में दो कर्मचारियों के अस्वस्थ्य हो जाने पर आसिफ अली और राजकुमार को भेजा गया।
मतदान केंद्रों पर पुरुषों के अलावा महिलाओं ने भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह सात बजे से ही महिलाएं पोलिंग बूथों पर पहुंच गई। बूथों के आसपास प्रत्याशी और उनके समर्थक नजर नहीं आए। महोबा विधानसभा सीट के गांव चंदपुरा के नरेश, मीरा पत्नी नरेश, योगेश, हरीश, गीता, रमेश, ऊषादेवी, रामभगत, गोलू, जारी पत्नी रामभगत, छत्रपाल, नीरज समेत दो दर्जन से ज्यादा ग्रामीणों के नाम वोटर सूची से गायब मिले।
इसी तरह गांव जुझार निवासी दुर्गाप्रसाद और उनकी पत्नी का भी नाम बीएलओ ने वोटर लिस्ट से काट दिया। इससे मतदाता परेशान होते रहे। सामान्य प्रेक्षक अमित कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार सिंह ने जोनल व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के साथ माडल व अन्य बूथों का निरीक्षण कर जानकारी हासिल गई।