जनपद न्यायालय प्रांगण में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। लोक अदालत में 5996 वादों का निस्तारण किया गया। इस दौरान भारी भीड़ जुटी।
राष्ट्रीय लोक अदालत में व्यवहार वाद 12, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद 31, उत्तराधिकार वाद 24, वैवाहिक वाद 92, राजस्व वाद 135, चकबंदी वाद 76, स्टांप और रजिस्ट्रेशन वाद 16, उपभोक्ता वाद 7, बैंक ऋण से संबंधित वाद 556, प्री-लिटीगेशन स्तर के अन्य वाद 587, विद्युत अधिनियम वाद 38, लघु आपराधिक वाद 1820, सिविल अपील वाद 2, सिविल प्रकीर्ण वाद 328, अंतिम आख्या वाद 176 का निस्तारण किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रतिकर धनराशि के रुप में 91,94,195 रुपये दिलाए गए। अर्थदंड के रुप में 4,85,895 रुपये की धनराशि वसूली गई और 34,73,714 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए गए। 1,59,95,294 रुपये की धनराशि विभिन्न बैंकों, दूरसंचार विभाग व उपभोक्ताओं को सेटलमेंट के रुप में दिलाई गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत में लगाए गए काउंटरों का जिला जज चैतन्य कुमार कुलश्रेष्ठ सहित अन्य जजों ने निरीक्षण कर जायजा लिया। कुलपहाड़ प्रतिनिधि के अनुसार सिविल जज जूनियर डिविजन कोर्ट के 116 वाद का निस्तारण किया गया, साथ ही 3720 रुपये जुर्माना वसूला गया। एसडीएम कोर्ट के 65 वाद और तहसीलदार कोर्ट 167 वादों का निस्तारण किया गया।