महोबा/चरखारी। मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण के बाद जारी की गई कच्ची मतदाता सूचियों में खामियां मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। चरखारी कस्बे के एक मकान नंबर पर 56 मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। इनमें केवल हिंदू और मुस्लिम धर्म के ही नहीं बल्कि कई जातियों के लोग भी शामिल हैं। इस तरह की कमियों से परेशान मतदाता बीएलओ के पास शिकायत करने पहुंच रहे हैं।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर हुए मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य के बाद जारी हुई कच्ची मतदाता सूची में चरखारी कस्बे के अमरगंज मोहल्ले में मजेदार मामला सामने आया है। यहां पर मकान नंबर-367 शशिकांत शर्मा का है लेकिन कच्ची मतदाता सूची देखने पर पता चला कि उनके इसी मकान नंबर पर शांति देवी, यासमीन कौशर, बेनी प्रसाद, मोहम्मद नफीस, आलोक यादव, नारायणदास सेन, दिलशाद खान, पिंकी वर्मा, अंकित खरे, आरती, आफरीन, वर्षा सेन, सर्वेंद्र त्यागी, वंदना शर्मा, नीतू गुप्ता, जरीना, हेमलता आदि 56 लोगों के नाम भी मतदाता के रूप में दर्ज हैं। हालांकि, इनमें से कुछ मतदाताओं के पते में मकान नंबर 367 के साथ क, ख, ग, घ, ड आदि जोड़ा गया लेकिन इनमें भी काफी विसंगतियां देखने को मिल रही हैं। जैसे मकान नंबर 367-घ में मुन्नीदेवी, परवीन अख्तर, शशिकांत, मुकीम, नीलोफर को एक साथ मतदाता दिखाया गया है। मामले में मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के सुपरवाइजर पंकज बिंदुआ का कहना है कि एक बूथ पर मतदाता तय संख्या से अधिक हो जाने पर दो बूथ बनाए गए और मतदाता सूचियां अलग-अलग हुईं। इसके चलते कई मकान नंबर एक जैसे हो गए तो वहीं कई लोगों ने साइबर कैफे या वोटर हेल्पलाइन एप से डाटा ऑनलाइन कराते समय स्वयं ही मकान नंबर 0 या कुछ और डाल दिया। इसका डाटा पहले सत्यापन होने के लिए बीएलओ के पास नहीं आता था इसलिए सीधे ऑपरेटर के पास पहुंचा और प्रिंट हो गया। अब इसे दुरुस्त किया जा रहा है। वहीं चरखारी तहसीलदार रामानंद मिश्रा का कहना है कि वार्ड समायोजन और क्रमांकीकरण की प्रक्रिया के दौरान इस तरह की स्थिति बनी है। अंतिम मतदाता सूची में ये सभी कमियां दुरुस्त हो जाएंगी।