महोबा। गुरु गोरखनाथ परिक्रमा समिति के तत्वावधान में हरियाली अमावस्या के मौके पर शिवतांडव परिसर में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर दूर दराज से आए कवियों ने गोरखगिरि की महिमा का रचनाओं के माध्यम से बखान करते हुए सभी का दिल जीत लिया। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित मालती विश्वकर्मा ने स्वरचित रचना हरे हरे वृक्षा लगावने, गोखारगिरि सुंदर बनावने सुनाकर खूब वाहवाही लूटी।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ कवि विदेश विद्यासन ने वाणी वंदना के साथ की। इसके बाद हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना जो देख लेता है गोखागिरि की हरियाली, उसके दिल में बस जाती है छटां न्यारी सुनाई। वीरभूमि महाविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. एलसी अनुरागी ने रचना आली मोहे लागै गोखागिरि नीकौ, गोखागिरि में शिवतांडव ब्राजे दर्शन करे से न चूको सुनाई। बुंदेली कवि हरदयाल हरि अनुरागी रचना कलि उद्घारन गिरि गोरख प्यारा धाम हो गया पेश की। साहित्यकार प्रमोद सक्सेना ने गोखारगिरि की महिमा बताते हुए रचना शिवतांडव की अनुपम प्रतिमा गौरव हमे दिखाती है, गोरखनाथ गुरु की महिमा दिव्य शक्ति दिखलाती है सुनाई। वरिष्ठ कवि रामप्रकाश पुरवार ने कहा कि गोरखगिरि की पैकरमा से तर जाएंगे नर नारी, ऐसी पैकरमा शुभकारी सुनाई। पूर्व प्रधानाचार्य शिवकुमार गोस्वामी ने रचना गोखागिरि तपोस्थली में संतों का अदृश्य प्रवास हो गया, जो गोखागिरि गया उसका कल्याण हो गया सुनाकर खूब तालियां बटोरी। इस मौके पर तारा पाटकार, प्रशांत गुप्ता, इं. एमपी भदौरिया, अंचल सोनी, सुरेंद्र कुमार गुप्ता सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
हरे हरे वृक्षा लगावने, गोखारगिरि सुंदर बनावने....
- हरियाली अमावस्या पर आयोजित हुई काव्य गोष्ठी