महोबा। लॉकडाउन के चलते अब सख्ती बढ़ गई है। इतना ही नहीं, लॉकडाउन से बचने के लिए लोग तरह-तरह के जतन करते देखे गए। शुक्रवार की शाम करीब एक दर्जन ग्रामीण कुछ दूर वाहनों से तो कुछ दूर पैदल चलकर आए। इससे जिले के 132 केंद्रों में अब तक 4,559 लोगों को क्वारंटीन किया गया। वहीं कम्युनिटी किचिन व समाजसेवियों द्वारा भी जरूरतमंदों, गरीबों व असहायों को भोजन कराया जा रहा है।
दिल्ली, फरीदाबाद, मुंबई, नोएडा, हरियाणा, गुरुग्राम जैसे तमाम महानगरों से लॉकडाउन के बाद घर की तरफ भाग रहे प्रवासी श्रमिक शाम को भी आए। अब परदेसियों को गांव भेजने के बजाय पहले ही बॉर्डर में रोककर क्वारंटीन किया जा रहा है। अब तक जिले में 4,559 लोग स्कूलों और पंचायत घरों में बनाए गए क्वारंटीन है। जहां पर राजस्व विभाग द्वारा तहसील महोबा, चरखारी और कुलपहाड़ में तीन इसके अलावा नगर पालिका और नगर पंचायतों ने पांच किचिन बनाकर क्वारंटीन किए गए लोगों को खान-पान की व्यवस्था की है। 12 किचिन समाजसेवियों द्वारा चलाई जा रही है। जो गरीबों को चिंहित करके घर-घर में भोजन भिजवाने के अलावा मौके पर भी भोजन करवा रही है। जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों गरीब भूख मिटा रहे हैं। शनिवार को जिले में पुलिस खासी सख्त दिखाई दी। सड़क पर आने वालों को दूर से ही झड़पती रही। शुक्रवार की शाम को दिल्ली से आए कुछ लोगों ने आधे से ज्यादा यात्रा वाहनों से और कुछ यात्रा पैदल चलकर पूरी की। बैग लादकर परदेसियों ने करीब 100 किमी का सफर पैदल तय किया।
गरीबों को भेजे जा रहे राहत पैकेट
संकट के समय में लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। कोई लंच पैकेट बनवाकर खाना खिला रहा है तो कुछ लोग राहत पैकेट घर-घर पहुंचा रहे हैं। पूर्व राज्यमंत्री सिद्धगोपाल साहू ने तैयार किए राहत पैकेट में पांच किलो आटा, पांच किलो आलू, एक किलो प्याज, एक किलो तेल, एक किलो चावल और एक नमक का पैकेट भरकर करीब 500 पैकेटे गरीबों को वितरित किए। इसी तरह सपा नेता रोशन अली ने तीन किलो आटा, दो किलो चावल, आधा किलो तेल, एक किलो दाल, एक किलो प्याज के राहत पैकेट बनाकर घर-घर भेज रहे हैं।
38 क्वारंटीनों को ऐचाना से चरखारी केंद्र पहुंचाया
खरेला। ग्राम ऐचाना के क्वारंटीन केंद्र में ठहरे श्रमिकों की खानपान की व्यवस्था न हो पाने पर प्रशासन ने सभी 38 प्रवासी श्रमिकों को चरखारी स्थित क्वारंटीन केंद्र भेज दिया गया। उपजिलाधिकारी राजेश कुमार यादव ने खाने पीने की सामग्री भी उपलब्ध कराई थी। इसके बाद भी प्रधान ने भोजन बनवाने व अन्य व्यवस्थाएं करने के मामले में हाथ खीच लिए। इससे शनिवार को एसडीएम के आदेश पर ऐचाना के स्कूल में ठहरे 38 श्रमिकों को थानाध्यक्ष खरेला राजू सिंह ने वाहनों की व्यवस्था कर चरखारी पहुंचाया।