फोटो 02 एमएएचपी 15 परिचय-उर्मिल बांध के खोले गए तीन फाटकों से निकलता पानी। संवाद
श्रीनगर (महोबा)। मध्यप्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही झमाझम बारिश से उर्मिल बांध एक बार फिर उफना गया। हालात को देखते हुए बांध के तीन फाटक खोलकर 2,700 क्यूसेक पानी उर्मिल नदी में छोड़ा गया। इस दौरान आसपास स्थित 12 गांवों में मुनादी कराकर अलर्ट जारी किया गया। सिंचाई विभाग के कर्मचारी बांध पर पूरी तरह नजर रखे हैं। दो-दो घंटे के अंतराल में जलस्तर की नाप कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
उर्मिल बांध यूपी-एमपी की सीमा पर स्थित है। बांध की अधिकतम भंडारण क्षमता 237 मीटर है। बारिश से सोमवार की रात बांध का जलस्तर एक बार फिर बढ़कर 236.90 मीटर तक पहुंच गया। बांध की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पानी को डिस्चार्ज करने का अधिकारियों ने निर्णय लिया। तीन गेट एक-एक फीट की ऊंचाई से खोलकर 2,700 क्यूसेक पानी उर्मिल नदी में छोड़ा गया। जिससे उर्मिल नदी का जलस्तर बढ़ गया। पानी छोड़े जाने से पहले सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने बांध के आसपास वाले गांवों में जनपद छतरपुर के भिरोटा, ऊजरा, मलका, खिरी, सिंहपुर, जनपद महोबा के शमसेरा, फुटेरा, कैमाहा, टपरियन, डिगरिया, ज्योरइया व सिजरिया गांव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को अलर्ट किया। साथ ही ग्रामीणों, चरवाहों और मछुआरों को नदी के पास आने से रोका गया।
दो गेट बंद, तीसरा फंसा, आएगी मैकेनिकल टीम
श्रीनगर। उर्मिल बांध का जलस्तर बढ़कर 236.90 मीटर पहुंचने पर सोमवार की रात दस बजे तीन फाटक एक-एक फीट की ऊंचाई से खोले गए। इस दौरान 2,700 क्यूसेक पानी की निकासी के बाद सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने फाटक को बंद किया। तब दो फाटक तो बंद हो गए लेकिन तीसरा फाटक फंस गया। कर्मचारियों ने इसे बंद करने का काफी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इससे पानी की निकासी जारी रही। अब तीसरे फाटक को बंद करने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से मैकेनिकल टीम को बुलाया जाएगा। यदि समय से तीसरे फाटक को बंद नहीं किया गया तो उर्मिल बांध के पानी की निकासी होती रहेगी। इससे बांध का जलस्तर और घट जाएगा। उधर, बांध के अवर अभियंता रोहित कुमार ने बताया कि गेट बंद करने का प्रयास किया जा रहा है।